Wed. Jun 24th, 2026

Author: Roshan Lal Sahu

महाराष्ट्र नेता दौड़ रहे ताकि राहुल गांधी के साथ यात्रा में

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के देखते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के कई नेता फिटनेस पर ध्यान दे रहे है। काग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ इस यात्रा पर कदमताल…

बुजुर्गो और दिव्यांगों को बूथ लाने और ले जाने की होगी व्यवस्था

हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनाव में ऐसे मतदाता जिनके आयु 80 साल से अधिक या दिव्यांग है। उन्हे मतदान केन्द्र तक लाने और वहां से घर वापसी के लिए…

उत्तराखंडः महिलाओं के 30 प्रतिशत पर लगी रोक सुप्रीम कोर्ट नें हटाई

सुप्रीम कोर्ट नें  राज्य की सिविल सेवाओं में मूल निवासी महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के 2006 के आदेश पर उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक शुक्रवार को हटा…

झारखंड मनी लाँड्रिंग मामले में ईडी ने एक दर्जन स्थानों पर मारा छापा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नें सेना की जमीन पर अतिक्रमण सें जुडे एक मनी लाँड्रिंग के मामले झारखंण्ड और बंगाल में एक दर्जन सें अधिक ठिकानों पर छापेमारी किया है। इस…

सीआईएसएफ जवान ने रेलवे कर्मचारी के साथ की बदसलूकी, विरोध करने पर जमकर की पिटाई

 छत्‍तीसगढ़ के भिलाई-3 के पुरैना में मंगलवार की सुबह सीआईएसएफ के चेक पोस्ट पर तैनात जवान ने वहां से गुजर रहे रेलवे कर्मचारी के साथ बदसलूकी कर दी। आरोप है…

स्पेन सें आए एक गिद्ध कों उसके परिवार सें मिलवानें के लिए एयरलिफ्ट किया गया। सिनेरियस प्रजाति का यह गिद्ध कन्याकुमारी में आए साइक्लोन की वजह सें साढें 5 साल…

जून में प्रधानमंत्री मोदी कर सकते हैं अमेरिका की यात्रा, व्हाइट हाउस से आया बाइडन का न्योता

दोनों देशों के प्रशासन ने इस निमंत्रण को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार भी कर लिया है। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के अधिकारी जून-जुलाई की उपयुक्त तारीखों पर…

इंद्रावती कों बचानें जोरा नाला पहुंचे प्राधिकरण उपाध्यक्ष व अफसर

इंद्रावती विकास प्राधिकरण के गठन के साथ ही अब इंद्रावती नदी कों बचााने के लिए प्रयास शुरु कर दिया गया है। मंगलवार को पहली बार शासन प्रशासन के लोग एक…

महाराष्ट्र सें मजदूरों कों लेकर आ रही कार बस में घुसा लगभग12 लोग का मौत

महाराष्ट्र से घर लौट रहा मध्य प्रदेश के बैतूल जिला के मजदूरो को लेकर आ रहा कार बस से टकरा गया। हादसा बैतूल परतवाड़ा मार्ग पर झल्लार के पास गुरुवार…

ड़ीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा पाना हुआ मुश्किल कई नई शर्ते जुड़े

ड़ीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा पाना अब आसान नही होगा गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यूजीसी नें कई शर्ते लागू की है। शुक्रवार को यूजीसी नें ड़ीम्ड यूनिवर्सिटी के नियम के…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया