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मांगे पूरी नहीं होने पर 16 अक्टूबर 23 से बेतिया नगर निगम का अनिश्चितकालीन चक्का जाम और जेल भरो अभियान :  मुन्नी देवी अध्यक्ष

बेतिया : बिहार म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन की राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस अंतर्गत बेतिया नगर निगम के सैकड़ों कर्मचारी सरकार के विरोध में गगनभेदी नारा लगाया। उन्होंने निगम के मुख्य द्वार के सामने धरना दिया। राज्यव्यापी प्रतिवाद दिवस पर, बिहार म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन (बमवा) के जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ ने बताया बिहार सरकार की मजदूर विरोधी, हठधर्मिता नीति को लेकर राज्य के नगर निकायों के 45 हजार कर्मचारी शनिवार को एक दिवसीय प्रतिवाद दिवस पर निकायों में सफाई काम-काज ठप कर धरना पर हैं। राज्य के सफाई कर्मचारियों ने एक दिवसीय आन्दोलन को ऐतिहासिक बताया। जनरल सेक्रेटरी ने कहा की कर्मचारियों की लंबित 11 सूत्रीं मांगों पर हुए समझौते, पटना उच्च न्यायालय का आदेश दिनांक 27 अक्टूबर 2022 एवं दिनांक 09 सितम्बर 2022 को तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री सह मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार के आश्वासन पर अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त करने के बावजूद मांगों की पूर्ति समुचित कार्यवाही नहीं किये जाने के चलते निकाय के कर्मियों में भारी रोष एवं असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सरकार ने नगर निकायों में पहली बार नियुक्ति के लिए विज्ञापन संख्या 02/23 को निकाल सरकार वर्षों से कार्यरत संविदा पर द्वितीय और तृतीय वर्ग के हजारों कर्मियों को डिप्रेशन में डाल चुकी है। उसे इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन संख्या 02/23 को रद्द करने की मांग किया है। महासचिव ने कहा कि बेतिया नगर निगम में सितम्बर 2019 से स्वच्छ भारत मिशन के मातहत डोर टू डोर कचरा संग्रह करने वाले प्रत्येक वार्डों के लिए चार-चार कर्मियों को लगाया गया। वें सभी सैकड़ों कर्मचारी नगर निगम का अति महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, जिन्हें नगर आयुक्त शम्भू कुमार और पाथ्या एनजीओ के संचालक की मिलीभगत से हटा दिया गया। महासचिव के अनुसार वे काफी नाराज हैं। उन्होंने जोर देकर कहा की बेतिया नगर आयुक्त और पाथ्या एनजीओ द्वारा ऐसे घिनौना जुल्म का मामला मानवाधिकार तक पहुंचाया जायेगा। कॉमरेड रवींद्र ने बताया कि बतौर आउटसोर्स बेतिया निगम में 500 कर्मी श्रमिक के रुप में कार्यरत हैं। उनके शोषण की कोई सीमा नहीं रह गई है। इन्हें काम पर रखने-निकालने पर भी इनका दोहन होता है। निर्धारित मजदूरी भी उन्हें नहीं दी जाती है। समय पर वेतन भी नहीं मिलता है और ईएसआई/पीएफ के अंशदान की कटौती उनके वेतन से लगातार हो रहा है।
 बेतिया नगर निगम में करोड़ों की अनियमितता की जांच सीबीआई से कराने की मांग कया गया है। दोषी व्यक्तियों नौकरी से मुअत्तल करतेकयें फ्रॉडगिरी एक्ट अंतर्गत गिरफ्तार करने की मांग किया है। बमवा के राज्यव्यापी एक दिवसीय प्रतिवाद दिवस पर नगर निकायों का सभी जायज 11 सूत्रीं मांगों का समर्थन करते हुयें उसारी (निर्माण) मजदूर एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड आजाद राकेश कुमार ने केन्द्र व राज्य सरकार की आउटसोर्सिंग से कार्य कराने की नीति को कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर दास बनाने वाली प्रथा करार दिया। धरनार्थियों को सम्बोधित करती हुईं, अध्यक्ष मुन्नी देवी और सचिव हरेंद्र राउत ने कहा कि धरना पर बैठें सैकड़ों कर्मियों के बीच निगम के निगम प्रबंधक अरबिन्द कुमार ने कर्मियों से उलझते हुए कहा कि कर्मचारी नौकरी से हटे हैं तो खुद सुसाइड कर लें, पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीटी मैनेजर पर कार्रवाई की मांग किया। नगर आयुक्त यदि बेतिया नगर निगम के कर्मचारियों की मांगें नहीं मानते हैं तो 16 अक्टूबर 2023 से निगम में अनिश्चित कालीन हड़ताल कर, जेल भरो अभियान चलाकर चरणबद्ध धारधार आन्दोलनों का आगाज किया जायेगा। इस दौरान रमेश राउत, भूषण राउत, दीपक राउत, आयशा खातून, युवराज सिंह, सीता देवी, जैबुननेशा, पवित्र देवी, फातमा खातून, सीता देवी, प्रमिला देवी, निक्की देवी, सिंहासन पटेल, गुड़िया देवी, पुण्यदेव प्रसाद, मोहन प्रसाद, रवि कुमार, लक्की कुमार, अभय कुमार, हरेन्द्र पटेल, नागेन्द्र प्रसाद, राजेश यादव, मो मुजम्मिल, गिन्नी देवी, सावित्री देवी, सुधा देवी सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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