Wed. Jun 24th, 2026

बिहार की राजधानी पटना में होटल मालिक को दिनदहाड़े गोलियों से छलनी किया, मौत

एस एन श्याम / अनमोल कुमार

पटना। बिहार की राजधानी पटना में रविवार को दिनदहाड़े सरेआम एक होटल संचालक को गोलियों से भून, मौत के घाट उतार दिया गया। जिससे होटल संचालक की घटनास्थल पर तत्क्षण मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के पांच खोखा बरामद किया है। पटना में उपर्युक्त हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। जिसके दृष्टिगत क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल गश्त लगा रहे हैं, खुफिया विभाग भी सतर्क है। होटल मालिक पटना जंक्शन के पास भोजनालय संचालित करने वाले शकील अहमद बताए गए हैं। बकौल पटना पुलिस शकील अहमद अपनी बाइक से पीरबहोर थाना क्षेत्र के कुतुबुद्दीन लेन स्थित नया मकान को देखने गए। बताते हैं कि उसी क्रम में कुछ अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दिया। जिससे की घटना स्थल पर ही उनकी मौत हो गई। अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग में पुलिस ने घटना स्थल से पांच कारतूस का खोखा बरामद बरामद किया है। पुलिस के अनुसार शकील को पांच गोलियां मारी गई। संवेदनशील पीरबहोर क्षेत्र में शकील की हत्या की खबर मिलते ही अफ़रा तफरी मच गई। पुलिस भी बिना समय गंवाए घटना स्थल पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। घटना स्थल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से शकील के हथियारों की पहचान का प्रयास कर रही है पुलिस। पटना के टाउन डीएसपी सहित पीरबहोर के अलावा अन्य थाना की पुलिस भी घटना स्थल पर कैंप कर रही है। शकील को गोली मारने के बाद हत्यारे भागने में सफल रहे।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया