Wed. Jun 24th, 2026

Month: May 2023

प्रशिक्षित कोच की मदद से 2 हजार बच्चे खेलों का प्रशिक्षण लेंगे

हर साल के तरह  इस साल भी BSPके क्रियाशीलता , सांस्कृतिकप्रयोग एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा स्कूली बच्चों के लिए समर कैम्प आयोजित किया जा रहा है। 9 जून तक…

खसरा रुबेला प्रभावित क्षेत्र में डबल्यू एच ओ की टीम ने किया जांच

खसरा रुबेला प्रभावित क्षेत्र में डबल्यू एच ओ की टीम ने किया जांच पश्चिम चम्पारण जिला के खसरा प्रभावित क्षेत्र सबेया-देवराज, रामनगर में बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के पदाधिकारी…

किशोरी से दुष्कर्म का वीडियो बना ब्लैकमेल का प्रयास

  पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत मझौलिया थाना क्षेत्र के सेनुवरिया पंचायत वार्ड नंबर 2 में एक किशोरी से युवक ने दुष्कर्म का प्रयास किया। शातिर युवक ने…

नदी व तालाब की स्वच्छता व जल संरक्षण, नमामि गंगे योजना का उद्देश्य: दिनेश कुमार राय

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत जिला प्रेक्षागृह में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों को जिला पदाधिकारी पश्चिम चम्पारण दिनेश कुमार राय, उप विकास आयुक्त अनील कुमार, नोडल पदाधिकारी-सह-प्रभा री पदाधिकारी जिला विकास…

जिला के विकास में पंचायत की भूमिका महत्वपूर्ण : दिनेश कुमार राय

बेतिया। महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत कार्यों के सफल क्रियान्वयन को मनरेगा कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं जीविका दीदियों का प्रशिक्षण सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन बेतिया…

राष्ट्र कों शक्तिशाली बनाने 5 मई को गायत्री यज्ञ किया

भिलाई। मनुष्य में देवत्व का उदय एंव धरती पर स्वर्ग सा वातावरण सुख शांति के साथ ही भारत सहित पूरे विश्व में एकता समता व भाईचारा का वातावरण निर्मित करने…

आईआईटी के जेवरा-सिरसा की तरफ गेट निर्माण विवाद खत्म

IITके बिल्कुल शुरू गेट निर्माण में जगह को लेकर चल रहे  मतभेद  का एक दृश्य के पश्चात   पटाक्षेप हो गया है। जिला प्रशासन भूमि   मालिक को उसके मरम्मत   में दूसरा …

कांग्रेस नेताओं के टिप्पणी के विरोध में बजरंग दल का प्रदर्शन

कांग्रेस नेताओं ने जिसका कथन विवेचना के विरोध में बजरंग दल के कार्यकताओ नें जमकर लगातार चिल्ला-चिल्लाकर  नारेबाजी लागाए इसके बाद में सम्पूर्ण भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गें…

डिकेश कुम्हारी मंडल के अध्यक्ष किसान मोर्चा के देवेंद्र साहू को जिम्मेदारी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव महांमंत्री पवन साय जिला अध्यक्ष बृजेश बिजपुरिया के अनुशंसा पर कुम्हारी मंडल में अध्यक्षों के नियुक्ति किया है। कुम्हारी मंडल युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर…

एसटी और एसटी को फ्री मिलेगा यूपीएससी कोचिंग

आदिम जाति विकास विभाग एससी और एसटी के विद्यार्थियों कों फ्री में पीएससी और यूपीएससी के कोचिंग दंेगे। इसके लिए विभाग ने अपनी तैयारी कर लिया है। निविदा निकाला गया…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया