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Month: November 2022

जन सुराज संवाद पदयात्रा का 38 वां दिन बिहार में लालू यादव के जंगलराज जैसी ग्रामीण सड़कों की स्थिति : प्रशांत किशोर

बेतिया: जन सुराज संवाद पदयात्रा के 38 वें दिन मंगलवार को प्रशांत किशोर ने बैरिया प्रखंड के तधवा नंदपुर स्थित पदयात्रा शिविर में मीडियाकर्मियों से वार्ता किया। प्रशांत किशोर ने…

जयसिंहपुर कालेज में केंद्रीय छात्र परिषद को दिलाई पद की शपथ

समारोह में प्राचार्य ने बीएससी तृतीय वर्ष की कुमारी अंजलि को अध्यक्ष, बीकॉम तृतीय वर्ष की कुमारी रुचि को उपाध्यक्ष, बीए प्रथम वर्ष की कुमारी सारिका को सचिव और बीएससी…

पाटन काँलेज में शुरु होगे वैल्यू एडेड कोर्स बताई उपयोगिता

शासकीय चंदूलाल चंद्राकर कला एवं विज्ञान महाविधालय पाटन में विगत दिवस अंग्रेजी विभाग द्वारा इंग्लिश क्लब का गठन किया गया प्राचार्य डाँ बीएस छाबडा ने इंग्लिश भाषा का महत्व को…

रेल यात्रियों की बढ़ी मुश्किले रायपुर रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ हजारों यात्री अधर में नागपुर आने जानें वाली ट्रेनें थमीं

छत्तीसगढ़ में रेलवे ने एक बार फिर नवंबर में कई ट्रेनों का आवागमन रद्द किया है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़, दुरंतो और शालीमार, बीकानेर एक्सप्रेस सहित…

आंध्र ब्राहा्ण समाज ने उगादि पर नौग्रह का पूजा शाम के बच्चों ने दी पारंपरिक प्रस्तुतियां

आंध्र ब्राहा्रण समाज भिलाई दुर्ग के तत्वावधान में तेलगू नववर्ष उगादी पर माध्यामिक विधालय सेक्टर दस समाज कार्यलय में पं सुब्बाई शास्त्री ने समाज व देश के कल्याण के लिए…

टी 20विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव समेत इन खिलाड़ियों का रहा सुपर-12 में जलवा, टॉप 10 में तीन भारतीय शामिल

आप पूरे मैदान पर शॉट खेल रहे हैं जिस वजह से आपको मिस्टर 360, पहले इस नाम से एबी डी विलियर्स को जाना जाता था। मुझे नहीं लगता कि यह…

शंकराचार्य काँलेज रायपुर का आईआईटी भिलाई के साथ करार रिसर्च इनवेशन करने में मिलेगा मदद

भिलाई रायपुर स्थित शंकराचार्य काँलेज मे आईआईटी भिलाई इनवेशन एंड टेक्नाँलाजी फाउडेशन के साथ करार किया है। इसका करार के तहत काँलेज और आईआईटी मिलकर रिसर्च स्टार्टप के क्षेत्र मे…

8 नवंबर की सुबह 8 बजे के पहले कर लें ये काम, वरना पूरे दिन होंगे परेशान

सूतक के दौरान कई कार्यों को वर्जित बताया गया है. आइए काशी के ज्योतिष मर्मज्ञ से जानते हैं कि कब शुरू हो रहा है चंद्रग्रहण का सूतक और इस दौरान…

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले का भिलाई नगर निगम आर्थिक संकटों से जूझ रहा है।

दरअसल मुख्यालय को बेचने की तैयारी आज से नहीं बल्कि लम्बे समय से की जा रही है। वर्तमान मेयर महापौर नीरज पाल ने अपने पहले बजट भाषण में सामान्य सभा…

सोरेन के खिलाफ दाखिल की गईं जनहित याचिकाओ पर सुनवाई से इनकार कर दिया है।

सोमवार को शीर्ष अदालत ने शेल कंपनियों में निवेश और खनन पट्टे में अनियमितता को लेकर सोरेन के खिलाफ दाखिल की गईं जनहित याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार कर दिया…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया