Wed. Jun 24th, 2026

मुहर्रम के दौरान डीजे, लुकार व हथियार के प्रदर्शन करने वाले होंगे गिरफ्तार

चनपटिया : पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत चनपटिया थाना क्षेत्र में मुहर्रम पर्व को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर चनपटिया थाना परिसर में सोमवार को शांति समिति की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने की। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि डीजे, लुकार और हथियार के प्रदर्शन नहीं चलेगी। इसमें कहीं गुंजाइश नहीं है। हिदायत के बावजूद नहीं मानने वाले असामाजिक तत्वों पर एफ आई आर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। बैठक में दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी विजय कुमार, राजस्व अधिकारी स्मृति साहनी के साथ जनप्रतिनिधि व प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया। बैठक में शांतिपूर्ण तरीके से मुहर्रम को संपन्न कराने एवं रूट-चार्ट को लेकर चर्चा की गई। अंचलाधिकारी ने कहा कि मुहर्रम को लेकर प्रशासन सजग है। किसी भी समस्या पर प्रशासन को सूचित करें। थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने आपसी सद्भाव के साथ मुहर्रम संपन्न कराने में प्रशासन को सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुहर्रम की तजिया के लिए लाइसेंस अनिवार्य रूप से लेना होगा। प्रशासन के निर्देश का पालन करते हुए ताजिया तय मार्ग से ही ले जाना है। साथ ही कहा कि डीजे बजाने, लुकार जलाने व घातक हथियार के प्रदर्शन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो डीजे संचालक एवं समिति के सदस्यों पर हर हाल में कारवाई की जाएगी। मुहर्रम को लेकर चिन्हित जगहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। वही राजस्व अधिकारी स्मृति साहनी ने कहा कि मुहर्रम अमन-चैन एवं भाईचारा का पर्व है। उन्होंने लोगों से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शांतिपूर्ण ढंग से मुहर्रम पर्व मनाने की अपील की।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया