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बबलू कुमार पटेल की रपट…..

मझौलिया सीओ ने पदभार ग्रहण किया

मझौलिया : प्रखंड के अंचल कार्यालय में शुक्रवार को राजस्व पदाधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने प्रभारी अंचल पदाधिकारी(सीओ) पद पर योगदान दे कर कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने अंचल कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। उसके बाद कार्यालय में उपस्थित कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने सभी अंचल कर्मियों से परिचय प्राप्त कर कर्तव्य निर्वहन करते हुए, सरकार की योजनाओं का अनुपालन करने तथा राजस्व वृद्धि के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया। अंचल में पहुंचे जनता की समस्याओं का निष्पादन हर हाल में करने का निर्देश दिया। भूमि सम्बंधित समस्या के आवेदन का नियमानुसार निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने अंचल कर्मियों को चेताया कि समस्या को लेकर पहुंचे फरियादियों की शिकायत मिलने पर सम्बंधित के विरुद्ध विधिवत कार्रवाई की जाएगी। पत्रकारों के प्रश्न पर उन्होंने सम्बोधित करते हुए कहा कि भूमि विवादों की समस्या को खत्म करना पहली प्राथमिकता होगी। अंचल के अंतर्गत आने वाले कार्यों का निपटारा पूरी पारदर्शिता एवं न्याय संगत करना ही उनका लक्ष्य होगा। प्रखंड व अंचल क्षेत्र में अमन चैन की स्थापना व विधि व्यवस्था बनाए रखने का सभी संभव प्रयास करेंगे।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी समस्या के समाधान के लिए सीधे उनसे (सीओ) से संपर्क करें। कार्यालय में उनसे मिलें, उनकी समस्या का समाधान अवश्य किया जाएगा। बिचौलियों और दलालों के माध्यम से आने वालों का कार्य नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर अंचल निरीक्षक राधेश्याम यादव, अंकित कुमार, पिंटू कुमार, अभिज्ञान कुमार, साहेब कुमार, प्रिंस कुमार, रिंकू कुमारी, संगीता कुमारी, आनंद मोहन कुमार राजस्व कर्मचारी, प्रधान लिपिक अभय कुमार, लिपिक रामू उरांव विकास कुमार, नाजिर अमित कुमार,अमीन विभा कुमारी, अमजद आलम उपस्थित रहे।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया