हरित खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग से मृदा उर्वरता बढ़ाने पर किसानों में जागृति को कार्यक्रम आयोजित

पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिला के हेमतपुर एवं सिंघी टोला गांवों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। उपर्युक्त कार्यक्रम में कुल 99 किसान (हेमतपुर से 51 एवं सिंघी टोला से 48) शामिल हुए। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को मृदा उर्वरता सुधारने, कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने, पोषक तत्वों की उपलब्धता में वृद्धि करने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में हरित खाद की भूमिका के बारे में जानकारी दी। किसानों को उपयुक्त हरित खाद फसलों के चयन, बुआई के समय तथा फसल को मिट्टी में मिलाने की उचित अवस्था के बारे में भी बताया गया। इसके साथ ही जैव उर्वरकों के महत्व, पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने में उनकी भूमिका तथा ब्राउन मैन्योरिंग तकनीक के लाभों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के साथ-साथ जैविक खाद, जैव उर्वरक एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के समन्वित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। किसानों ने ढैंचा जैसी हरित खाद फसलों तथा जैव उर्वरकों के उपयोग में गहरी रुचि दिखाई। संवाद सत्र में किसानों ने धान में रोग प्रबंधन एवं दलहनी फसलों में कीट प्रबंधन संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा की तथा नियमित तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता व्यक्त की। किसानों ने मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं बेहतर फसल उत्पादन हेतु अनुशंसित पोषक तत्व प्रबंधन तकनीकों को अपनाने की सकारात्मक इच्छा व्यक्त किया।
