Wed. Jun 24th, 2026

Month: August 2024

बंगलादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमला भारतीय सनातन हिंदुत्व को चुनौती : श्यामानंद

बंगलादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमला भारतीय सनातन हिंदुत्व को चुनौती : श्यामानंद पटना: बंगलादेश में गदर के बीच अल्पसंख्यक हिंदुओं का नरसंहार, मंदिर में आगजनी, तोड़-फोड़, मार-काट भारतीय सनातन…

पूर्व पार्षद के माता पिता पर किया हमला केस दर्ज

भिलाई जामुल थाना के अन्तर्गत नगर पालिका जामुल के पूर्व पार्षद नरेन्द्र देवदास के माता पिता के साथ दंगाईपन  का मामला सामने आया है। आरोपियो ने चाकू से हमला कर…

उतई गायत्री मंदिर मार्ग के यात्री प्रतीक्षालय पर कब्जा

उतई नगर के गायत्री मंदिर से आगे मार्ग पर स्थित यात्री प्रतीक्षलय में अवैध कब्जा कर लिया गया है। प्रतीक्षालय में बीते 8 महीनो से कुछ मूर्तिया रख दी गई…

कामधेनु विवि में 6 सें 8 अगस्त तक बकरी पालप पर प्रशिक्षण कामधेनु

विश्वविद्यालय में 6 से 8 अगस्त तक बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका आयोजन बकरी पालन किसानो और उधिमियों की मांग पर किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण शिविर…

नशा मुक्ति अभियान के लिए 56 वालिंटियर नियुक्त

दुर्ग नशामुक्ति के पक्ष में सकारात्मक वातावरण विकसित करने तथा राष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए नशामुक्त भारत अभियान का संचालन जिले में किया जा रहा हैं। कलेक्टर ऋचा प्रकाश…

ग्रामीणों ने बाइक चोरी के आरोप में तीन युवकों को दबोचा, पुलिस को सौंपा 

दिउलिया से चोरी ग्लैमर बाइक, मंझरिया के एक घर से बरामद बेतिया/नरकटियागंज। पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिउलिया मुहल्ला से रविवार की रात चोरी…

भीषण गर्मी से 7 वीं कक्षा की छात्रा अचेत 

नरकटियागंज : अनुमंडल के गौनाहा प्रखण्ड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित कन्या माध्यमिक विद्यालय गौनाहा की एक छात्रा सोमवार की दोपहर प्रचण्ड गर्मी से  खेलते समय अचानक अचेत होकर गीर गयी। ऐसी…

बिहार के हाजीपुर में दुर्घटना 9 शिवभक्त कांवरियों की अकाल मृत्यु, 6 घायल

बिहार के वैशाली में बड़ी दुर्घटना, करंट लगने से 9 कांवरियों की अकाल मृत्यु 6 अन्य घायल एस एन श्याम/ अनमोल कुमार की रपट पटना: बिहार की राजधानी पटना का…

कृषि खाद्य प्रणालियों के परिवर्तन में धरातल पर नवाचार व नवप्रवर्तक विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन प्रारम्भ

  बीएयू में कृषि खाद्य प्रणालियों के परिवर्तन में जमीनी स्तर पर नवाचार और नवप्रवर्तक विषय पर राष्ट्रीय सम्मलेन प्रारम्भ   APNI BAT पटना: बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में “कृषि…

जन सुराज विचार मंच की बुद्धिजीवियों संग बैठक सम्पन्न

सुनील कुमार ठाकुर बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित गुलाबबाग में जन सुराज विचार मंच ने बुद्धिजीवियो की एक बैठक किया। जिसकी अध्यक्षता वरीय समाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह उर्फ…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया