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Month: August 2024

प्राकृतिक चिकित्सा सह योग आश्रम मे विविध व्याधियों की अचूक चिकित्सा: डॉ रामगोपाल

नवजीवन पंचकर्म प्राकृतिक चिकित्सा सह योग आश्रम मे विविध रोगो का अचूक इलाज : योगाचार्य डा, रामगोपाल रिपोर्ट अनमोल कुमार मोकामा। स्थानीय चिन्तामणिचक में प्राकृतिक और योग चिकित्सा विशेषज्ञ ,…

परंपरागत उत्साह पूर्वक धूमधाम से कृषि अनुसंधान परिसर पटना में 78 वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह सम्पन्न

कृषि अनुसंधान परिसर पटना में धूम-धाम से मनाया गया 78वां स्वतंत्रता दिवस पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में परंपरागत उत्साह पूर्वक धूमधाम से 78 वां…

संस्थानों की जांच के लिए टीम बनी एक माह में सौंपेंगे रिपोर्ट।

नगर निगम भिलाई क्षेत्र में संचालित सभी स्कूज काँलेज कोचिंग सेंटर हाँस्टल हाँस्पिटल माँल शो रुम सिनेमा घर आदि सार्वजनिक और शैक्षणिक संस्थान कितने सुरक्षित है। इसकी जांच निगम के…

सड़क किनारे लगे पोल से टकराया बीएसपी कर्मचारी अस्पताल में हुई मृत्यु

बीएसपी के परिसर में एक कर्मचारी सड़क किनारे लगे पोल से टकरा गया। उसे गंभीर हालत में सेक्टर 9 हाँस्पीटल में भर्ती कराया गया था, उसने बुधवार को सबेरे दम…

बालिका से छेड़छाड़ करने वाले को तीन साल की सजा सनाई है।

भिलाई में बालिका से छेडछाड करने वाले आरोपी को पाँक्सो एक्ट की विशेष न्यायालय ने दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ एफटीएससी संगीता नवीन तिवारी की अदालत ने…

मवेशियो के सींग और गले में रेडियम लगा रहे नगर निगम के कर्मचारी

नगर निगम भिलाई के नेशनल हाइवे रोड से लेकर प्रमुख सडको को कैटल फ्री बनाया जाना है। लेकिन निगम प्रशासन दो साल से शहर के एक भी सड़क को कैटल…

शिविर में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और नवजातों का अन्नप्रासन्न कराया गया।

रिसाली नगर निगम इलाके में जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया। स्वामी आत्मानंद इंग्लिस मीडियम स्कूल में लगे इस शिविर में करीब 250 से अधिक लोग पहुंचे। 195 लोगो ने बुनियादी…

चुहड़ी काली मंदिर लोक आस्था श्रद्धा का प्रतीक : गरिमादेवी 

दर्जनों गांव की अविवाहित कन्या सावन में बाबा भोलेनाथ ही नहीं अपितु मां काली मंदिर में जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ण करती हैं : गरिमादेवी सुनील कुमार ठाकुर  बेतिया: पश्चिम चम्पारण…

शिव भक्तों पर लाठीचार्ज से भगदड़ में सात की मौत, एक दर्जन से अधिक घायल

शिव भक्तों पर लाठीचार्ज से भगदड़ मचने से सात कांवरियों की मौत एसएन श्याम / अनमोल कुमार पटना। पटना जिला की सीमा से सेट जहानाबाद के मखदुमपुर में बामावेर पहाड़ी…

मिस वर्ल्ड इंटरनेशनल बिहार, काजल चौधरी का रोटरी क्लब कंकडबाग‌ ने सम्मान किया 

कंकड़बाग में काजल चौधरी का सम्मान समारोह आयोजित रिपोर्ट अनमोल कुमार पटना। बिहार से दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड मिस यूनीवर्स प्रतियोगिता प्रतिनिधित्व करने वाली काजल चौधरी का अभिनन्दन समारोह रोटरी…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया