Mon. Jul 15th, 2024
बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के सभागार में 25 जुन 2024 को भारतीय लोकतंत्र के काला दिवस स्मरण और विरोध का संकल्प अंतर्गत जिलाध्यक्ष रुपक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि प्रमोद शंकर सिंह रहे। कार्यक्रम में अध्यक्षीय संभाषण में रुपक श्रीवास्तव ने कहा कि 25 जुन 1975 अविस्मरणीय दिन है। उसी दिन संविधान को पूरी तरह से नकार दिया गया, 21 महिना का आपातकाल घोषित कर दिया गया। आपातकाल  21 मार्च 1977 को समाप्त किया गया। भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने आपात काल की घोषणा किया। मुख्य अतिथि प्रमोद शंकर सिंह ने कहा कि इमर्जेंसी लागू होने के बाद लोगों के मौलिक अधिकार समाप्त कर दिया गया। मेंटेनेंस आफ इंटर्नल सिक्योरिटी एक्ट अंतर्गत विपक्षी दल के नेताओं को जेल में डाल दिया गया। इसमे लोकनायक जय प्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, जार्ज फर्नांडिस जैसे बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए। सभी प्रेस, मीडिया वालों पर सेंसरशिप लागू कर दी गई। सरकार की अनुमति के बिना कोई भी समाचार प्रकाशित नहीं किया जा सकता। सरकार की कोशिश रही कि कोई जानकारी लोगों को नहीं मिले। आपातकाल का संवैधानिक समय छ्व महीना है, उसके बाद चुनाव होनी चाहिए, लेकिन इंदिरा गाँधी ने चुनाव टालते टालते 18 महीने का समय लिया।
कार्यक्रम में जेपी सेनानी शंकर प्रसाद, सुदर्शन यादव, प्रमोद गुप्ता, राम पुकार मिश्र, शम्भु कुशवाहा, गोपाल, राधेश्याम राय, कन्हैया प्रसाद, वृज किशोर दूबे को माला एवं अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन रवि सिंह, जबकि धन्यवाद ज्ञापन दिनेश्वर तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने किया। इस अवसर पर कृष्णा पासवान, आशीष गुप्ता, सुरेश चौधरी, राकेश पटेल, धर्मेंद्र राय, मनु पाण्डेय, विहारी श्रीवास्तव व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपर्युक्त जानकारी मुकेश सहाय उर्फ गाँधी बाबा ने मीडिया को दी।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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