Wed. Jun 24th, 2026

सुरैया शहाब चौथी बार पश्चिम चम्पारण जदयू की जिलाध्यक्ष मनोनित 

बेतिया। बिहार प्रदेश जनता दल यूनाइटेड पटना महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता विश्वास ने पश्चिम चम्पारण जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सुरैया शहाब को मनोनीत किया है। विदित हो कि पूर्व में तीन बार जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष रह चुकी, सुरैया शहाब चौथी बार अध्यक्ष पद को सुशोभित करेंगी। बिहार प्रदेश जनता दल यूनाइटेड के महिला सेल के प्रदेशअध्यक्ष,श्वेता विश्वास ने इनकी कार्य करने की क्षमता, कार्यकुशलता,पार्टी के प्रति समर्पण, सजगता, लगनशीलता की प्रशंसा किया। उनके मनोनयन पर जिला जदयू अध्यक्ष शत्रुघन प्रसाद कुशवाहा, जिला जदयू के कोषाध्यक्ष, हाजी सज्जाद हुसैन देवराजी व अन्य फुलमाला देकर शुभकामना दिया। श्रीमती शहाब के चौथी बार जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष मनोनयन पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। बधाई देने वालों में मुख्यतः जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा, कोषाध्यक्ष हाजी सज्जाद हुसैन देवराजी,असलम खान हक्की, फिरोज आलम, देवनारायण राम, इंजीनियर सहमतअली, विजय रावत, भगत पटेल, अशोक ओझा, शंभू गुप्ता,प्रभु कुशवाहा, नंदकिशोर चौधरी, श्याम राज, मदन पटेल, तुफैलअहमद, जफर इनाम, अनवरी खातून, बिंदा देवी, बिना देवी, देवंती देवी, शारदा देवी, खदीजन खातून, फूल बानो हैं। सुरैया शहाब ने जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष मनोनीत होने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष श्वेता विश्वास के प्रति आभार व्यक्त किया है।

Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया