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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया 12 वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किलकारी मुजफ्फरपुर में योग संगम कार्यक्रम सम्पन्न pl स्वस्थ, जागरुक एवं योगमय समाज के निर्माण के संकल्प के साथ 12 वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सम्पन्न  निःशुल्क चिकित्सा शिविर सम्पन्न  कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर कार्यक्रम सम्पन्न 
Wed. Jun 24th, 2026

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया

बखरिया पैक्स अध्यक्ष पद के लिये नामांकन

बबलू कुमार पटेल पश्चिम चम्पारण जिला के मझौलिया प्रखण्ड अंतर्गत बखरिया पैक्स अध्यक्ष पद के लिये चुनाव 17 जून 2026 को होगा। उसी दिन मतगणना भी होगी।नामांकन की अंतिम तिथि…

राजस्व कर्मचारी प्रदीप कुमार मिश्र निलंबित

कर्त्तव्य एवं अनुशासनहीनता के विरुद्ध जिला प्रशासन की कार्रवाई apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने राजस्व कार्यों में उदासीनता, निरंतर अनधिकृत अनुपस्थिति एवं पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना…

प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति (पैक्स) के प्रतिनिधियों एवं कृषकों के लिए खेत बचाव अभियान सम्मेलन सम्पन्न

प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति (पैक्स) के प्रतिनिधियों एवं कृषकों के लिए खेत बचाव अभियान सम्मेलन का आयोजन पटना : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना तथा…

भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित पर्यावरण देना, सबकी जिम्मेदारी : तरनजोत सिंह

  विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला पदाधिकारी ने किया पौधारोपण,पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश बेतिया: विश्व पर्यावरण दिवस पर पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरुकता को बढ़ावा…

पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज की सहभागिता आवश्यक : डॉ. ऋचा दुबे

विश्व पर्यावरण दिवस पर दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने पर्यावरण प्रेमियों को किया सम्मानित apnibaat.org पटना:  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का…

बिहार में निजी अस्पताल को फलने फूलने का अवसर प्रदान करने वाली संवेदनहीन सरकार,सरकारी अस्पताल में सुधार की दिशा में कब कार्रवाई करेगी : मंगनी लाल मंडल 

apnibaat.org पटना : बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल में अग्निकांड पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में…

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजन सम्पन्न

स्वस्थ भविष्य के लिए सतत कृषि, कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का आयोजन पटना :भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 5 जून…

साइबर ठगी का नया प्लेटफॉर्म फ़र्ज़ी ट्रेडिंग, ऑनलाइन गेमिंग का उद्भेन, पाँच गिरफ्तार/

साइबर ठगी का नया प्लेटफॉर्म फ़र्ज़ी ट्रेडिंग, ऑनलाइन गेमिंग का उद्भेन, पाँच गिरफ्तार APNI BAT/apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला में साइबर गेमिंग और ठगी का नया कारनामा उजागर हुआ…

हरित खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग से मृदा उर्वरता बढ़ाने को किसानों को जागरुक किया गया

हरित खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग से मृदा उर्वरता बढ़ाने पर किसानों में जागृति को कार्यक्रम आयोजित पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने “खेत…

गया जी में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रशिक्षण सम्पन्न 

गया जी में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रशिक्षण सम्पन्न पटना : ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा 2 जून,…

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