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 बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नरकटियागंज अनुमंडल अंतर्गत नगरीय क्षेत्र में आर्य समाज मंदिर सभागार में 25 जुलाई 2023 मंगलवार को नेहरु युवा केंद्र पश्चिम चम्पारण बेतिया के सौजन्य से वैदिक सुप्रभात नामक संस्था ने युवा संवाद @ 2047 कार्यक्रम का आयोजन किया। उपर्युक्त कार्यक्रम के शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्ज्वलित करने वालों में आर्य समाज मंदिर नरकटियागंज के प्रधान रामेश्वर प्रसाद आर्य, मुख्य अतिथि दीपक यादव (एमडी-बगहा चीनी मिल)  वर्मा प्रसाद व अन्य मुख्य रहे। उपर्युक्त कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए दीपक यादव ने कहा कि युवाओं को सही दिशा देकर 2047 तक भारत एक सशक्त, शिक्षित, समृद्ध और विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विपिन उच्च विद्यालय बेतिया के पूर्व प्रधानाचार्य छोटेलाल प्रसाद ने किया, जबकि मंच संचालन मुकुंद मुरारी राम ने किया। ।विशिष्ट अतिथि वर्मा प्रसाद, अवध किशोर सिन्हा, राजेश कुमार आर्य (मंत्री) रहे।  कार्यक्रम में  2047 के भारत की परिकल्पना विषय पर एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें नगर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत नगर के सार्वजनिक स्थलों की सफाई करने वाले, पूरे नगर में सड़कों के किनारे पौधा रोपण करने वाले तथा लगातार 5 वर्षों तक निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह का आयोजन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।  कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने मंचस्थ प्रबुद्धजनों एवं शिक्षाविदों से 2047 तक भारत को कैसे मजबूत और समृद्ध बनाया जा सकता है। इस विषय पर जिज्ञासुओं ने प्रश्न किया। जिसका मंचस्थ प्रबुद्धजनों ने उत्तर देकर जिज्ञासा शांत किया। कार्यक्रम के अंत में संचालक ने उपस्थित सैकड़ों लोगों को पंचप्राण का शपथ दिलाया l
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया