Wed. Jun 24th, 2026
विशेष जानकारी के लिए हेल्प सेन्टर के दूरभाष संख्या-06254-295737 पर अभ्यर्थी संपर्क करें 
बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने श्रम संसाधन विभाग के निर्देशानुसार दिनांक-28 जुलाई 2023 को जिला नियोजनालय के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। उस दिन पूर्वाह्न 11.00 बजे से अपराह्न 04.00 बजे तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैम्प में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं। जिला नियोजन पदाधिकारी अंकित राज ने बताया कि जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय के दिशा-निर्देश के आलोक में जिला में जॉब कैम्प, रोजगार-सह-मार्गदर्शन मेला का आयोजन किया जाता रहा है। जिससे बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मुहैया कराने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुनः 28 जुलाई, 2023 को जॉब कैम्प का आयोजन जिला नियोजनालय के प्रांगण में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि DSETS Pvt. Ltd. द्वारा गुजरात में प्रोडक्शन ट्रेनी के पद पर कार्य करने के इच्छुक कुल-30 अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा। मैट्रिक/इंटर, आईटीआई पास 18-26 आयु वर्ग के योग्य अभ्यर्थी को 12000, 15000 रूपये मानदेय प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि निजी नियोजक, पद, योग्यता, उम्र, मानदेय, रिक्ति, कार्यस्थल की विस्तृत जानकारी का प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है जिससे लक्ष्य के अनुरूप बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलायी जा सके। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जिला नियोजनालय में दूरभाष संख्या-06254-295737 पर हेल्प सेन्टर बनाया गया है। अभ्यर्थी विशेष जानकारी के लिए हेल्प सेन्टर पर संपर्क कर सकते हैं।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया