Tue. Jun 23rd, 2026

केंद्रीया मंत्री एसपी सिंग बघेल ने कहा कि मून स्कूल ओलंपिक की प्रतियोगिताएं देश में मिसाल बन चुकी हैं। आयोजन समिति अध्यक्ष बीना लवानिया ने कहा कि मून स्कूल ओलंपिक अगले साल 15 हजार खिलाड़िया के साथ दिखेगा।

एथलेटिक्स में अंडर-19 बालक वर्ग में सेंट सीएफ एंड्रूज के योगेंद्र, जीएस पब्लिक स्कूल के अमन तोमर, खो-खो में सेंट सीएफ एंड्रूज के नितिन चौहान, अंडर-14 में सेंट सीएफ एंड्रूज के दीपक राजपूत, कबड्डी में अंडर-19 में सेंट सीएफ एंड्रूज के अभिषेक, अंडर-14 में जीएस के युवराज, अंडर-19 वॉलीबाल में केवी नंबर-1 के विवेक आर्य, अंडर-19 जिमनास्टिक में गायत्री पब्लिक स्कूल के वैभव सिंह, अंडर-14 में सेंट क्लेयर्स के हर्षित शर्मा, बैडमिंटन में अंडर-19 में श्रीराम सेटेनियल के सुमित चाहर, अंडर-14 में श्रीराम सेंटेनियल के शुभम सोलंकी, अंडर-19 ताइक्वांडो में सेंट सीएफ एंड्रूज के अनुज तिवारी, अंडर-14 में मोहित बघेल, वुशू अंडर-19 में श्री क्षत्रिय टेक्नो के मोहित, अंडर-14 में श्री चैतन्य टेक्नो के कबीर, बास्केटबॉल में सेंट एंड्रूज स्कूल के नितिन, अंडर-14 में सेंट एंड्रूज के मयंक यादव, मुक्केबाजी में अंडर-19 में गौतम बुद्ध स्कूल के प्रवीन कुमार, अंडर-14 में सर्वोदय इंटर कॉलेज के सौरभ, कराटे में अंडर-19 में सेंट सीएफ एंड्रूज स्कूल के ऋषभ, अंडर-14 में टीसा के प्रियांशु, टीटी में अंडर-19 में राधाबल्लभ इंटर कॉलेज के शिवम, अंडर-14 में राधाबल्लभ के रितेश, लॉन टेनिस में अंडर-19 में डीपीएस के आशीष, निशानेबाजी में अंडर-19 में आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रवीन, अंडर-14 में सेंट सीएफ एंड्रूज के सनी, शतरंज में अंडर-19 में सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज के पार्थ भटनागर, अंडर-14 में सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज के दर्श अग्रवाल, रस्साकसी में जीएस पब्लिक स्कूल के नमन, अंडर-14 में सेंट सीएफ एंड्रूज स्कूल के हर्षित, स्केटिंग में अंडर-19 में होलीयो पब्लिक स्कूल के हिमांशु, अंडर-14 में शिवालिक कैंब्रिज स्कूल के मेहुल, फुटबॉल में अंडर-19 में केवी नं-3 के धीरज, हैंडबाल में सेंट एंड्रूज स्कूल के नितिन को अमर उजाला बेस्ट प्लेयर अवार्ड से नवाजा गया।

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया