Wed. Oct 14th, 2026
‘सम्राट अशोक विजयदशमी’ के पावन ऐतिहासिक उपलक्ष में 2287 वां धम्म दीक्षा समारोह
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बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के रमपुरवा गौनाहा में 2287 वां धम्म दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। मौर्य साम्राज्य का उद्गम स्थल,विश्व में दो अशोक स्तंभ वाला, एकमात्र स्थल पिपलीवान गणराज्य (ऐतिहासिक नाम) वर्तमान पिपरिया ग्राम में मनाया गया। उपर्युक्त दीक्षा समारोह की अध्यक्षता पंचशील बौद्ध विहार के संस्थापक रामदास बौद्ध ने किया। उपर्युक्त समारोह के मुख्य अतिथि ए.के. अंबेडकर पूर्व डीजीपी एवं भतें एमके राजन झारखंड बोकारो रहे। विशिष्ट अतिथि भतें धम ज्योति नालंदा, भंते चंदाश्री थाईलैंड,एडवोकेट जय भीम अंबेडकर तथा नीलम बौद्ध, गीता बौद्ध दिल्ली,ममता बौद्ध तथा उषा बौद्ध रही। मुख्य अतिथि ए.के अंबेडकर पूर्व डी.जी.पी ने अशोक विजया दशमी को तलवार पर करुणा एवं मैत्री की जीत बताया। भतें महेश के राजन ने सील समाधि प्रज्ञा को जीवन में अपनाने पर बल दिया तथा सभी दीक्षा लेने वाले धर्म प्रेमियों को धम्म देशना तथा बौद्ध धमम की 22 प्रतिज्ञा की दीक्षा दिलाया। विशेष अतिथि के रूप में उषा बौद्ध ने बाबा साहब को भारतीय महिलाओं के लिए मुक्तिदाता के रुप में इंगित किया। उन्होंने कहा कि भीमराव अम्बेदकर के संघर्ष के परिणाम स्वरुप वर्तमान परिवेश में महिला की सर्वोच्च पद पर भागीदारी संभव हुई है। धम्म ज्योति ने मानव मानव एक समान एवं आपसी भाईचारा को बढ़ने पर बल दिया, दिल्ली से पधारी  नीलम बौद्ध ने समाज को रुढ़िवादी परंपरा से ऊपर उठकर शिक्षित होने पर बल दिया एवं समाज में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि चंदाश्री थाईलैंड ने पंचशील के महत्व को समझाते हुए आम लोगों के लिए साधना का मार्ग बताया। उल्लेखनीय है कि 2287 वर्ष पूर्व सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध (260 ईसा पूर्व) में भयानक रक्तपात को देखकर आश्विन शुक्ल दसवीं को भगवान तथागत सम्यक समबुद्ध की पावन शरण ग्रहण किया तथा वही तिथि अखिल विश्व में अशोक विजया दशमी के नाम से प्रचलित हुई। विश्व विभूति बाबा साहब भीम राव अम्बेदकर ने चक्रवर्ती सम्राट का अनुसरण करते हुए अशोक विजयदशमी के दिन ही दीक्षाभूमि नागपुर में 10 लाख अनुयायियों के सहित बौद्ध धर्म की धम्म दीक्षा ग्रहण किया और 22 प्रतिज्ञा कराया, यह जानकारी भारतीय बौद्ध महासभा की मुख्य संरक्षक विजय कश्यप ने कार्यक्रम के अंत में प्रेस वार्ता के क्रम में दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. उपेंद्र कुशवाहा,सुरेंद्र राम, योगेंद्र पासवान,चंद्रिका बौद्ध, रवींद्र सिंह, नाथू रवि, गौरी शंकर राम, राम किशोर बैठा,सकलदेव राम,डॉ शंभू राम, डॉ ए के यादव, आशा चौधरी, भरत कुशवाहा, डॉ अमित कुमार कवि, डॉ एमके भारती,अशोक राम, जोगिंदर बैठा, संजीव राम,रमेश राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दीक्षा समारोह में लगभग10000 लोगों की भागीदारी रही, समारोह में शामिल सबको खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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