Wed. Oct 14th, 2026

 

मुजफ्फरपुर: अरुणादित्य ट्रस्ट एवं तथागत सांस्कृतिक फाउंडेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में शहीद प्रमोद बी.एड. कॉलेज, माधोपुर सुस्ता, मुजफ्फरपुर के प्रांगण में ‘बज्जिका दिवस सह 26वाँ महाकवि अवधेश्वर अरुण बज्जिका सेवी सम्मान समारोह – 2026’ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। कुमार आदित्य ने मंगलाचरण के साथ ही ट्रस्ट के इस अभियान पर विशद रूप से प्रकाश डाला। इसके पश्चात डॉ. यशवंत कुमार ने विषय प्रवेश कराया। प्रथम सत्र का मंच संचालन डॉ. रणवीर कुं० राजन एवं द्वितीय सत्र का मंच संचालन सविता राज (कवि सम्मेलन सत्र) ने किया। बज्जिकांचल विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र राकेश ने उद्घाटन वक्तव्य देते हुए बज्जिका भाषा के महत्त्व को रेखांकित किया एवं अरुण जी के साथ गुजरे क्षण एवं व्यक्तित्व – कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य वक्ता: प्रसिद्ध आलोचक डॉ. रामप्रवेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “साहित्य के आगे लोक चलता है, उसके पीछे शास्त्र चलता है। अरुण जी लोक के चितेरे और सर्जक थे। बज्जिका रामायण के राम लोक जन में घुले-मिले रहने वाले हैं। वे लोकनायक, राम, प्रतीक शास्त्र तथा आस्था व आकांक्षा के प्रतीक हैं।”
विशिष्ट अतिथि संबोधन में वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. संजय पंकज ने स्वयं को महाकवि अरुण जी का मानस पुत्र बताते हुए कहा कि वे सांस्कृतिक भावधारा तथा आध्यात्मिक चेतना के सामाजिक रचनाकार थे। रामकथा परंपरा में बज्जिका अनुवाद के माध्यम से उनका योगदान अभूतपूर्व है। वहीं वरिष्ठ साहित्यकार श्री ज्वाला सांध्यपुष्प ने कहा कि अरुण जी युगांतकारी कवि थे। बज्जिका भाषा, संस्कृति और प्रेम की संवाहक रही है।
मुख्य अतिथि संबोधन में शहीद प्रमोद डिग्री कॉलेज के प्राचार्य श्याम नंदन कुमार यादव ने आयोजन की सराहना करते हुए विचार व्यक्त किए एवं कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को स्मरण करता है वह अनुकरणीय और प्रेरणादायी है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शारदा चरण ने कहा कि साहित्य और शास्त्र का सुंदर समन्वय अरुण जी की कृतियों में स्पष्ट दिखता है।

समारोह के दौरान बज्जिका भाषा एवं साहित्य में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु प्रो. दिनेश कु० सिंह, डॉ. उषा किरण, श्री हंसलाल साह, सुनील कु० एवं प्रो. अमिताभ कु० सिन्हा को महाकवि डॉ. अवधेश्वर अरुण बज्जिका सेवी सम्मान से अंग वस्त्र, प्रतीक चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अंतिम सत्र में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उदय नारायण सिंह ने की। इसमें रविकिशोर चंचल, मनिभूषण अकेला, अवधेश तृषित, पुष्पा गुप्ता, सविता राज, ज्योति सिन्हा, प्रो. दिनेश कुमार, राम किशोर चकवा, दिनेश धुरंधर, एवं सुनील कुमार सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर समां बाँध दिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजक तथा अरुणादित्य ट्रस्ट के सचिव कुमार आदित्य ने सभी आगत अतिथियों, साहित्यकारों एवं प्रबुद्ध जनों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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