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पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘समेकित कृषि प्रणाली: समय की मांग’ का समापन दिनांक 12 दिसंबर 2025 को हुआ। बिहार कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान पटना प्रायोजित कार्यक्रम रहा। यह प्रशिक्षण 9 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए 15 कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधकों और 5 प्रगतिशील किसानों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि समेकित कृषि प्रणाली में विभिन्न घटकों का सभी स्तरों पर समुचित एकीकरण ही इसकी सफलता का मूल आधार है। उन्होंने किसानों को परामर्श दिया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत करें तथा अपनी आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप समय-समय पर नए घटकों को शामिल करते जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और स्थानीय आवश्यकता के अनुसार उपर्युक्त घटक का चयन करना चाहिए, जिससे प्रणाली अधिक प्रभावी और फायदेमंद हो सके।
पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. संजीव कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों तथा प्रक्षेत्र भ्रमण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने प्रतिभागियों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रतिभागी प्रशिक्षण की सामग्री, व्यावहारिक सत्रों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से अत्यंत संतुष्ट थे। इसके पश्चात प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम को अत्यंत लाभकारी और ज्ञानवर्धक बताया तथा प्रशिक्षण में बताए गए तकनीकों को अपने क्षेत्र में अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम में प्रभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष उपाध्याय, डॉ. कमल शर्मा और डॉ. उज्ज्वल कुमार ने समेकित कृषि प्रणाली के विभिन्न पहलुओं और उसकी संभावनाओं पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा श्रेष्ठ प्रशिक्षु को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. रचना दूबे ने किया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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