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बेतिया पुलिस ने 15,000 रुपये का इनामी आरोपी को दबोचा

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र के एक लूटकांड का  आरोपी, जिसकी गिरफ्तारी के लिए 15000 का ईनाम बेतिया पुलिस ने घोषित कर रखा था। जिसे शनिवार 13 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार कर लिया।  इस सम्बंध में गोपालपुर थाना कांड संख्या- 13/22 दिनांक 09 फरवरी 2022 धारा – 392 भादवि० परिवर्तित धारा 395/412 भादवि० के वांछित अप्राथमिकी अभियुक्त नसीम जफर उम्र 18 वर्ष, पिता जफर इस्लाम, ग्राम शेख धुर्वा, थाना मनुआपुल जिला पश्चिम चम्पारण, बेतिया को अपने घर पर देखा गया है। उक्त सूचना के सत्यापन व कार्रवाई के लिए गोपालपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। गठित टीम के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए मनआपुल थाना के सहयोग से छापेमारी की गई। छापेमारी के क्रम में नसीम जफर अपने घर पर उपस्थित पाया गया। जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आपराधिक इतिहास खंगालने पर गिरफ्तार युवक चनपटिया (कुमार बाग थाना) कांड संख्या 64/22, दिनांक 10/02/2022 धारा- 412/413 भा०द०वि० एवं 25 (1-बी) ए / 26 / 35 आर्म्स एक्ट में संलिप्तता पाया। पुलिस की छापामारी दल में  पु० नि० अभिराम सिंह (तकनीकी शाखा बेतिया), पु०अ०नि० नरेश कुमार, थानाध्यक्ष मनुआपुल थाना, पु०अ०नि० राजन कुमार, थानाध्यक्ष गोपालपुर थाना एवं . सिपाही-कमलेश कुमार, बबलु कुमार, अतिश कुमार शामिल रहे।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया