Wed. Jun 24th, 2026

 

अमृत वाटिका निर्माण में दिल्ली जायेगा कलश

बेतिया: पश्चिम चम्परण जिला के नौतन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आजादी के अमृत महोत्सव में प्रखंड के प्रत्येक गाँव से शहीदों और स्वत्रंता सेनानियों के आंगन से संग्रहित मिट्टी कलश को सोमवार के दिन पुर्व मंत्री सह स्थानीय भाजपा विधायक नारायण प्रसाद ने एसएसबी जवानों को मिट्टी मिलाकर सौंपने का काम किया है। मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत संग्रहित मिट्टी कलश को दिल्ली भेजा जाएगा। विधायक नारायण प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर अमृत वाटिका में संग्रहित मिट्टी पर शहीदों की याद में पौधारोपण किया जाएगा। इस दौरान ग्यारह कलश में जमा मिट्टी को मिलाकर पुनः कलश में रखकर कलश को सौंप दिया। विधायक ने कहा कि मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम को लेकर केन्द्र सरकार का एक मात्र उद्देश्य है कि शहीदों के प्रति देश में लोगों की भावना जागृत हो सके । स्वतंत्रता सेनानियों और शहीद बीर जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सकें। इस अवसर पर सीओ भास्कर, एसएसबी के सहायक कमांडेंट प्रशेनजीत दास, निरीक्षक विपेन्द्र कुमार, उप निरीक्षक राधाकिशन, मंजीत कुमार, अंकित कुमार, भाजपा के जिला अध्यक्ष रुपक लाल श्रीवास्तव, बुद्धजीवी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सह बैरिया दक्षिण मंडल प्रभारी देवी दयाल प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि नीरज कुमार बब्लू, महामंत्री चंद्रमा सिंह, पप्पू सिंह, मंडल अध्यक्ष छोटे लाल कुशवाहा, राकेश पटेल, उपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, वीरेन्द्र सिंह समेत सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र और प्राचार्य उपस्थित रहे।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया