Wed. Jun 24th, 2026


पटना : जिला प्रशासन पश्चिम चम्पारण, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग व विभाग,बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय 16-18 अक्टूबर 2023 जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2023-24 का‌ समारोह पूर्वक शुभारंभ सोमवार को महाराजा स्टेडियम, बेतिया में हुआ। मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त अनील कुमार, एसडीएम डॉ. बिनोद कुमार, एएसडीएम अनील कुमार, डीईओ रजनीकांत प्रवीण, डीपीआरओ अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. श्रीकांत दूबे, डीएसओ विजय कुमार पंडित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। मुख्य अतिथि डीडीसी अनील कुमार ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि खेल को लेकर हमारी धारणा तेजी से बदल रही है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं क्रीड़ा के क्षेत्र में प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। खेल कैरियर का एक भाग बनकर रह गया है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता का उद्देश्य है खेल प्रतिभाओं को बड़ा मंच प्रदान करना। जिला के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा कर जिला को गौरवान्वित करें, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। डीएसओ विजय कुमार पण्डित पंडित ने अतिथियों का स्वागत बूके एवं स्मृति चिन्ह से किया। उद्घाटन समारोह का संचालन शिक्षिका मेरी एडलीन ने किया। विदित हो कि इस प्रतियोगिता में 15 खेल विधाओं यथा- एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, योग, बाॅलीबाॅल, कुश्ती, बैडमिंटन, फुटबॉल, हैण्डबाॅल, भारोत्तोलन, वुशू, कराटे, बास्केटबॉल, शतरंज व क्रिकेट के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे। महाराजा स्टेडियम में एथलेटिक्स, हैण्डबाॅल, कबड्डी, खो-खो, कुश्ती, भारोत्तोलन, इनडोर बैडमिंटन हाॅल में योग, बैडमिंटन, वुशू व कराटे, रमना मैदान में फुटबॉल, क्रिकेट, रामलखन सिंह यादव काॅलेज में बास्केटबॉल, खेल भवन सह व्यायामशाला में शतरंज का आयोजन अंडर 14, 17 एवं 19 आयु वर्ग में हो रहा है। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में जिले के 18 प्रखंडों के 5000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। खबर लिखे जाने तक 100मी बालक में राज इंटर कॉलेज के आलोक कुमार ने प्रथम, आर.एल.एस.वाई. काॅलेज के अतुल राज द्वितीय, संत थोमस स्कूल, रतनपुरवा के असमंजय राम ने तृतीय, 100मी बालिका में उ.म.वि. सिठी की अनुप्रिया कुमारी ने प्रथम व अश्विनी कुमारी ने द्वितीय, म.वि. पकड़ीहार की साकली खातून ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एस.बी. पब्लिक स्कूल, मझौलिया की टीम खो-खो अंडर 17 बालिका की विजेता एवं रा. बुनियादी वि. वृंदावन कन्या की टीम उपविजेता रही 

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया