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भारतीय मानक ब्यूरो ने छात्र -छात्राओं एवं शिक्षकों को एक्सापोजर विजिट कराया

पटना :भारतीय मानक ब्यूरो, पटना शाखा कार्यालय एवं प्रयोगशाला पाटलीपुत्रा औद्योगिक प्रांगण पटना ने 28 अप्रैल 2023 को हिमालयन पब्लिक स्कूल नासरीगंज पटना के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों का एक्सपोजर विजिट कराया। भारतीय मानक ब्यूरो के पूरे देश में स्थित कार्यालय समय-समय पर विभिन्नल स्कूलों के छात्र-छात्राओं शिक्षकों एवं औद्योगिक समूह के लोगों का एक्सपोजर विजिट कराते है। इसका उद्देश्य- छात्र-छात्राओं एवं औद्योगिक समूह के लोगों के बीच मानकीकरण के विषय में जागरूकता पैदा करना है। मानकीकरण के बारे में उनके बीच कई तरह जानकारी उपलब्धं करायी जाती है। ये लोग उपलब्ध जानकारी को अन्य लोगों के बीच चर्चा के माध्यम से बांटते हैं, इससे लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती है। इसी क्रम में हिमालयन पब्लिक स्कूल नासरीगंज पटना के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने भारतीय मानक ब्यूमरो पटना शाखा कार्यालय एवं प्रयोगशाला का दौरा किया। इस दौरान गौरव, मीना, विज्ञान एवं पटना शाखा प्रयोगशाला में उन्हें बीआईएस के कार्यकलापों एवं प्रयोगशाला के द्वारा किये जा रहे परीक्षणों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में मो. आकिब जुकरनैन, ग्रेजुएट इंजीनियर ने छात्र-छात्राओं को भारतीय मानक ब्यूारो की विभिन्नो गतिविधियों जैसे उत्पा्द प्रमाणन (आई.एस.आई) मार्क, हॉलमार्क एवं इलेक्ट्रॉानिक उत्पाोदों पर रजिस्ट्रेउशन मार्क के बारे में बताया। उन्हें असली एवं नकली आईएसआई मार्क पहचानने की विधि भी बतायी गयी। इसके साथ ही बीआईएस केयर एप एवं ‘नो योर स्टैण्डर्ड’ (अपने स्टैण्डर्ड को जाने) की जानकारी दी गयी। प्रयोगशाला दौरे में पटना शाखा प्रयोगशाला के विभिन्ना खंडों अर्थात रासायनिक, यांत्रिक, सीमेंट, माइक्रो बायोलॉजी एवं रेफरल एसेइंग लैब का दौरा कराया गया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया