Tue. Jun 23rd, 2026

– तीन दिवसीय प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम संवाद न्यूज एजेंसी मुजफ्फरनगर। डीएवी इंटर कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय बालक-बालिका क्रीड़ा प्रतियोगिता के अंतिम दिन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ओवरऑल चैंपियनशिप मुजफ्फरनगर के सदक ने प्राप्त की।सीनियर बालक वर्ग की तीन हजार मीटर दौड़ में मनीष ने प्रथम, मोंटी द्वितीय और अभिषेक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर बालिका वर्ग की दौड़ में चेतना ने प्रथम, पायल द्वितीय और निकिता तृतीय स्थान पर रही। सीनियर बालक वर्ग की 400 मीटर दौड़ में रोहित गोस्वामी प्रथम, समीर द्वितीय और मोनू तृतीय स्थान पर रहा सभी प्रतिस्पर्धाओं के परिणाम के आधार पर सीनियर बालक वर्ग में रोहित गोस्वामी, सीनियर बालिका वर्ग में चेतना और ज्योति, जूनियर बालिका वर्ग में अविका बालियान, सब जूनियर बालिका वर्ग में तांशी को चैंपियन घोषित किया गया। ओवर ऑल चैंपियनशिप मुजफ्फरनगर के सदक ने प्राप्त की। सभी विजेताओं को मेडल पहनाकर और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एसएसपी विनीत जायसवाल ने प्रतिभागियों की सराहना की। डीआईओएस गजेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार त्यागी, सुनील कुमार शर्मा, कुसुमलता ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुनील कुमार शर्मा, डॉ. विनीत चौहान, डॉ. विनोद कुमार, विजय कुमार शर्मा, प्रवीण कुमार, सत्यकाम तोमर, राहुल कुशवाह, समीर चौधरी, प्रीति, पूजा, गरिमा, जया त्यागी आदि मौजूद रहे।

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया