Thu. Dec 1st, 2022

पूजा वाली थाली दादी जीवन के खुशहाली दादी कोना कोना रोशन कर दे है इतनी उजियाली दादी हम है फूल सरीखे बच्चे और बगिया की माली दादी गिरे कभी जो ठोकर खाकर पग पग हमें सम्भाली दादी हर पल रखती ध्यान हमारा रहे कभी न खाली दादी हम तूफानो से लड़ते हैं हिम्मत देने वाली दादी देख हमारी मुसकानों को जैसे सब कुछ पाली दादी हमकों तो हर पल लगती है फूलो वाली डाली दादी है पावन त्यौहर सरीखी होली और दीवाली दादी।
सूरत जैसे प्रभु की मूरत वाणी थी जग की कल्याणी शान्तिदूत बन आई धरा पर नैनों में समाया नूर रुहानी युगों युगों तक गूंजेगी दादी तेरी अमर कहानी बाल्यकाल से सखा बनाया इस सृष्टि के रचयिता को तोड़कर सारे लौकिक बंधन अपनाया उस परमपिता को लुटा दिया सर्वस्व उसी पर सौप दिया सारा तन मन धन सौं सौ जन्म करे न्यौछावर एसी परम पुनीता को मधुबन और शान्तिवन के कण कण में समाई है।

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