Fri. Dec 2nd, 2022

जल संसाधन विभाग के अफसरों की लापरवाही से मंगलवार को डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम दर्री में शिवनाथ नदी पर बना एनीकट का एप्रोच रोड बह गया। इससे नदी की दिशा बदल गई है और कटाव बढ़ने से किनारे में स्थिति लगभग 8 एकड़ का रकबा नदी में समा गया। खेतों में धान की फसल ली गई थी।

पूरी फसल तबाह होता देखकर मौके पर मौजूद किसानों की आंखों में आंसू आ गए। किसानों का कहना है कि जल संसाधन विभाग की ओर से दर्री एनीकट का गेट नहीं खोले जाने की वजह से ही पानी का दबाव बढ़ा और एक साइड से कटाव बढ़ता गया जो कि खेतों को भी चपेट में ले लिया। इससे भारी नुकसान हो गया है। तेज बहाव के बीच कटाव बढ़ने की खबर मिलते ही जल संसाधन विभाग के ईई जीडी रामटेके अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। ईई के पहुंचने पर किसानों ने बताया कि माहभर पहले भी तेज बहाव होने पर एनीकट का कुछ हिस्सा बह गया था। इसके बाद भी मरम्मत की ओर ध्यान दिया गया और ना ही बाढ़ आने के पहले गेट खोले गए। इस कारण से अब भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि मोंगरा बैराज का गेट खोले जाने के बाद से नदी में पानी का बहाव तेज होता गया। जल स्तर बढ़ने के साथ ही लगभग 11 बजे एनीकट का एप्रोच रोड वाला हिस्सा तेजी के साथ बह गया। इसके बाद नदी की दिशा ही बदल गई और सीधे खेतों की ओर से पानी का बहाव बढ़ने लगा। किसानों ने बताया कि देखते ही देखते 8 से 10 एकड़ का रकबा शिवनाथ नदी में समा गया। धान की पूरी फसल ही बह गई। इस कटाव से नदी की दिशा बदल गई है और आने वाले समय में और भी नुकसान होगा।

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