Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

न्यायिक पदाधिकारियों के लिए साथ जिला जज की बैठक

नेशनल लोक अदालत के दृष्टिगत, न्यायिक पदाधिकारी के साथ जिला जज की बैठक सम्पन्न apnibaat .org बेतिया : नेशनल लोक अदालत 8 मार्च 2025 की सफलता के दृष्टिगत प्रधान जिला…

बाइक पर दुर्घटना में 3 घायल, सुरक्षित बचे

चानकी पिपरा के पास सड़क दुर्घटना में तीन घायल apnibaat.org नरकटियागंज : बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को नरकटियागंज -रामनगर मुख्य पथ में चानकी पिपरा के पास…

युवा राजद का युवा चौपाल लौरिया में सम्पन्न

नंदनगढ़ परिसर स्थित राम-जानकी मंदिर के प्रांगण में युवा राजद लौरिया ने युवा चौपाल का आयोजन किया apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नरकटियागंज अनुमंडल अंतर्गत लौरिया युवा राजद…

कृषि अनुसंधान परिसर पटना दूसरी हरित क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा : पद्म भूषण डॉ. आर.एस. परोदा

दूसरी हरित क्रांति में कृषि अनुसंधान परिसर, पटना की महत्वपूर्ण भूमिका apnibaat.org पटना : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना अपनी स्थापना का रजत जयंती समारोह मना…

बिहार की लोक भाषा भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका व बज्जिका का संरक्षण आवश्यक

मातृभाषा दिवस पर….… बिहार की लोक भाषाओं का गौरव और संरक्षण वरीय पत्रकार अनूप नारायण सिंह की विशेष रिपोर्ट… CENTRAL DESK apnibaat.org मातृभाषा सिर्फ अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी…

एपीपी मशरूम मार्ट सह फूड सेन्टर का उद्घाटन खूंटी के उपायुक्त लोकेश मिश्र ने किया 

एपीपी मशरूम मार्ट सह फूड सेन्टर का उद्घाटन कार्यक्रम सम्पन्न  apnibaat.org खूंटी। जिलान्तर्गत बिरहू मोड़ स्थित एपीपी एग्रीगेट खूंटी द्वारा संचालित मशरूम मार्ट सह फूड सेन्टर का उद्घाटन उपायुक्त, लोकेश…

कृषि अनुसंधान परिसर पटना का स्थापना का तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह का शुभारंभ

कृषि अनुसंधान परिसर पटना का स्थापना के रजत जयंती समारोह का शुभारंभ किसान मेला और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना…

मूल्य संवर्धक उत्पाद से किसान समृद्ध होंगे : एस एन तिर्की

मूल्य संवर्धक उत्पाद से किसान समृद्ध होंगे : शिल्पी नेहा तिर्की apnibaat.org रांची। राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान के सौजन्य से दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रर्दशनी का उद्घाटन…

नरकटियागंज का आशीष पटना में पुरुष प्रतिभा सम्मान से होंगे सम्मानित

पुरुष प्रतिभा सम्मान से पटना में सम्मानित होंगे नरकटियागंज के आशीष  apnibaat.org पटना में पहली बार पुरुष प्रतिभा सम्मान का आयोजन 09 मार्च 2025  को होने जा रहा हैं। जिसमें…

मगध मेडिकल कॉलेज, गया के प्रिंसिपल बने डॉ राजेन्द्र प्रसाद

apnibaat.org गया। मगध मेडिकल कॉलेज, गया के प्रिंसिपल डॉ राजेन्द्र प्रसाद को बनने पर इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हाल के प्रांगण में शहर के लब्ध प्रतिष्ठित चिकित्सक उनके अभिनन्दन समारोह…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया