Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

बाइक दुर्घटना में पिता पुत्र घायल, पिता जीएमसीएच रेफर

  apnibaat.org नरकटियागंज : नरकटियागंज-सहोदरा मुख्य पथ में कुंडिलपुर गांव के पास बाइक से गिरने के क्रम में पिता पुत्र सहित दो बुरी तरह घायल हो गए हैं। घायलों में…

पानी भरे में गड्ढे डूबकर पांच वर्षीया रिमझिम की मौत

पानी भरे में गड्ढे डूबकर पांच वर्षीया रिमझिम की मौतबेतिया : बेतिया पुलिस अंतर्गत नवलपुर थाना क्षेत्र में सरकारी चापाकल के पास बने एक गहरे गड्ढे के पानी में डूबने…

देवकी-वासुदेव विवाहोपरांत काराबंदी की मार्मिक प्रस्तुति पर भाव विह्वल हुए धर्मानुरागी

मथुरा-वृन्दावन की रासलीला मंडल की पूतनावध प्रस्तुति से भावुक हुए, धर्मानुरागी भक्त  रासलीला व भजन…राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊं गली-गली… पर झूमे श्रद्धालु भक्त  apnibaat.org बेतिया : राम…

पटना के मसौढ़ी के पास सड़क दुर्घटना में सात लोगों की मौत, सभी मृतक दैनिक मजदूर 

रिपोर्ट अनमोल कुमार पटना:  पटना के नजदीक मसौढ़ी में भीषण सड़क दुर्घटना में देर रात एक ट्रक और ऑटो में टक्कर हुई। उपर्युक्त दुर्मेंघटना में सात लोगों की मौत होने…

क्रोध से मनुष्य का विवेक नष्ट और मन के नकारात्मक विचार से मानसिक तनाव बढ़ता है: राजयोगिनी भगवती 

सकारात्मक सोच से स्वर्णिम समाज की स्थापना विषयक गोष्ठी और स्वागत सम्मान का कार्यक्रम सम्पन्न सकारात्मक चिंतन से सहनशीलता व उससे कई समस्या का समाधान होता है : डॉ भूपेंद्र…

एपीपी एग्रीगेट खूंटी में मशरूम प्रक्षेत्र के भ्रमण को साहेबगंज के प्रतिभागी पहुंचे 

  apnibaat.org खूंटी(झारखंड) : एपीपी एग्रीगेट खूंटी के एक एकड में फैले में मशरूम उत्पादन केन्द्र का भ्रमण कर साहेबगंज झारखण्ड राज्य लेवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी की सैकड़ों महिलाएं काफी प्रसन्न…

धर्मपुर साठी स्थित आवासीय नेशनल पब्लिक स्कूल का वार्षिकोत्सव सम्पन्न

आवासीय नेशनल पब्लिक स्कूल धर्मपुर साठी का वार्षिकोत्सव सम्पन्न apnibaat.org पश्चिम चम्पारण जिला के नरकटियागंज प्रखण्ड स्थित आवासीय नेशनल पब्लिक स्कूल धर्मपुर साठी का वार्षिकोत्सव सम्पन्न हुआ। जिसके निदेशक नबी…

पांच दिवसीय मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ

पांच दिवसीय मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण प्रारम्भ apnibaat.org गुमला। उद्यान विकास योजनान्तर्गत पांच दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पंचायत सरकार भवन स्थित ज्ञान केन्द्र, फसिया में किया गया। प्रशिक्षण…

खेल खेलों इंडिया, यूथ नेशनल गेम्स -2025 प्रतियोगिता के खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा

मुंगेर में 28 फरवरी 2025 को योगा खेल खेलों इंडिया यूथ गेम्स -2025 का चयन किया जाएगा रिपोर्ट अनमोल कुमार apnibaat.org पटना : योगा खेल में मुंगेर के सभी सरकारी…

कृषि प्रगति और विज्ञान का एकीकरण प्रकृति सम्मत, कृषि के बहुमुखी विकास के लिए आवश्यक : डॉ. हिमांशु पाठक

 कृषि के विकास व कृषि प्रचार-प्रसार में पत्रकारों व मीडियाकर्मियों की अग्रिम भूमिका की प्रशंसा कृषि वैज्ञानिक व पदाधिकारियों ने किया   apnibaat.org पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया