Wed. Jun 24th, 2026

जय नारायण प्रसाद की रिपोर्ट

बेतिया : कवनो नया डायलॉग होखे त अबकी बार, सुनाई ऐ विधायक जी, पुरनका से मन भर गइल बा। एगो वोट मांग तानी, रउआ से शीश नवाके, आपन फर्ज निभायम, राउर आशीर्वाद पाके। इस तरह से मार्मिक शब्दों के तीर चला कर गीत व संगीत के माध्यम से लाखों दिलों पर राज करने वाले लौरिया विधायक विनय बिहारी ने अपनी पत्नी व पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष चंचला बिहारी को मच्छरगावां नगर पंचायत से उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन करा दिया है। मिट्टी का घड़ा चुनाव चिन्ह के साथ चंचला बिहारी के साथ, विधायक विनय बिहारी बिहारी भाग्य अजमाने के लिए निकाय चुनाव की अग्नि परीक्षा में कूद पड़े हैं। अबकी बार नगर पंचायत निर्वाचन क्षेत्र के कुछ मतदाता नाम नहीं छापने की शर्त पर, दबी जुबान यह कहते परहेज नहीं कर रहे हैं कि चुनाव के इस माहौल में मतदाताओं की जुबान पर अन्य उम्मीदवारों के नाम और चर्चा हो रही है, परंतु उनका नाम लेने वाला कोई सामने नहीं आ रहा है।

 

प्रबुद्ध मतदाताओं का कहना है कि ऐसा लग रहा है कि अबकी बार गाड़ी फंस ना जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि चुनाव अनिश्चितताओं का एक खेल है। हमारे संवाददाता का कहना है कि जन चर्चा में यह सामने आ रहा है कि माटी के लाल, राउर नेता, राउर बेटा, स्लोगन सुनते-सुनते मन भर गइल बा आउर दोसर कवनो, नया डायलॉग होखे त सुनाई ये विधायक जी। इ सब पुरान हो गइल, अब एकर जादू लोग पर ना चली। अबकी बार उहां के कवन तीर चलाएम कि भउजी के सीट निकल जाई। काहे कि भौजी के रथ के सारथी उहे के नू बानी, अब त भगवाने मालिक बाड़न। चुनाव के माहौल में शाम के समय युवा लोग के नुक्कड़ सभा के दौरान बतियावत रहले कि, 15 साल में सब परीक्षा उहां के पास कर लेहनी, बाकिर अबकी बार के परीक्षा पास कर ली तब नू, इ नगर निकाय चुनाव में उहा के अग्नि परीक्षा बा, जैसे कि अपन छाप पर उहां के अपना मैडम के चुनाव में उतरले बानी, अइसही गाड़ी फंस गइल त ऐकर आवाज लमहरा ले सुनाई दी। विधायकी वाला चुनाव में प्रश्नवाचक चिन्ह बन जाएम। जेतने मुंह, उतने बात होई। इ सब झेलत- झेलत उहां के झेलम नदी ना बन जाएम। विधान सभा चुनाव के समय जादे दूर नइखे,एक पख बीतला पर सब सामने आ जाइ।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया