Tue. Jun 23rd, 2026

बेतिया: प्रबुद्ध भारती, भीम आर्मी ,तथा अनु जाति – अनु जन जाति यूनियन एवं पंचशील बौद्ध विहार के संयुक्त तत्वाधान में समाहरणालय बेतिया पश्चिम चम्पारण के प्रवेश द्वार पर विश्व विभूति भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, जिन्होंने संविधान की ड्राफ्टिंग कमिटी का चेयरमैन के पदभार संभाला और अथक परिश्रम कर कर दो वर्ष 11 माह 18 दिन में हमें दुनिया की सबसे सुंदर संविधान दिया। उनको सामाजिक संगठनों ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन करते हुए तथा उनके बारे में भावांजलि दी। मिसाइल इंजीनियर रहे विजय कश्यप ने मेयर प्रत्याशी गीता कश्यप के साथ संयुक्त बयान जारी करते हुए भारत सरकार से मांग किया,कि जिस प्रकार प्रतिवर्ष 15 अगस्त को प्रत्येक घर राष्ट्र ध्वज पहुंचाया गया, ठीक उसी प्रकार 26 नवंबर 2022 को विश्व के सभी कोने में रहने वाले भारतीय तक संविधान की प्रति पहुंचाई जानी चाहिए। इस देश को दुनिया के अंदर लोकतंत्र की जननी भारत ही है यह बात एहसास कराई जाए और दुनिया के सबसे सुंदर संविधान में समता स्वतंत्रता , न्याय और बंधुत्व की बात की गई है, सारी दुनिया को एक मिसाल के रुप में दी जाए यह विचार आज सामान्य ज्ञान पर पुष्पांजलि के पश्चात अपने विचार प्रकट करते हुए राष्ट्रीय संयोजक प्रबुद्ध भारती ने प्रकट किया।कार्यक्रम में एससी एसटी यूनियन से अनुमंडल अध्यक्ष सुरेंद्र राम, भीम आर्मी से आरसी राम , दीपक राम रहे उठा पंचशील बौद्ध विहार से परशुराम बौद्ध एवं बिछू बौद्ध रहे कथा योगेंद्र पासवान मुख्याध्यापक प्रखंड अध्यक्ष तथा गोरी शंकर राम मुख्तार संघ के वरीय नेता बरवत से शामिल हुए।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया