
पवनार आश्रम : बाल विजय भाई ब्रह्मलीन अब इस संसार में नहीं रहे….. आचार्य कुल के प्रथम मंत्री, द्वितीय अध्यक्ष, संत विनोबा के निजी सचिव,खादी मिशन के संस्थापक संयोजक बाल विजय भाई अपने जीवन का 100वर्ष पूरा कर आज मध्यकाल, 18मार्च को ब्रह्म विद्या मंदिर पवनार आश्रम में अंतिम सांस ली। आज ही संध्या 5बजे पवनार आश्रम परिसर में अंतिम संस्कार संपन्न होगा। विदित हो बाल भाई माइनिंग इंजीनियर के रुप में बिहार के धनबाद में अवस्थित रहे, भूदान आंदोलन शीर्ष पर था, विनोबा जी से प्रभावित हो, सबकुछ छोड़कर विनोबा को समर्पित हो गये। विनोबा जी के निजी सचिव के रूप में कार्य करने लगे। विनोबा जी के अंतिम सांस लेने तक उनके साथ रहे। विनोबा जी के आचार्य कुल ,खादी अवधारणाओं का संवर्धन करते रहे। हमारा मंत्र जयजगत, हमारा लक्ष्य विश्वशांति ,हमारा तंत्र ग्रामस्वराज की दृष्टि से विश्व मैत्री यात्रा का संयोजन किया।पूरे भारत की यात्रा कर खादी ग्रामोद्योग आचार्य कुल का कार्य करते रहे। विनोबा भावे के गोलोक होने के बाद गोपुरीवर्धा से पवनार आश्रम में रहने लगे।मित्र मिलन 14,15, नवंबर 2025को उनका अंतिम दर्शन मुझे मिला। जब वे आचार्य कुल का दायित्व निर्वहन कर रहे थे तो मुझे उनके साथ कार्य करने का विभिन्न रूपों में सुअवसर मिला।
अब वे हमारे बीच नहीं रहें, नारायण उन्हें अपने शरण में स्थान प्रदान करें।सादर श्रद्धांजलि, ओम् शांति। उपर्युक्त जानकारी आचार्य धर्मेन्द्र, अध्यक्ष आचार्यकुल पवनार आश्रम।
