Fri. Jun 5th, 2026
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पटना : बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल में अग्निकांड पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में सरकार के स्तर से चिकित्सा व्यवस्था, यदि अच्छा हुआ रहता, तो प्राइवेट अस्पतालों में लोग चिकित्सा के लिए विवश नहीं होते। सबसे बड़ी बात यह है कि प्राइवेट अस्पताल में सुरक्षा के मानक है, उसका कोई ख्याल नहीं रखा जाता है। इतना ही नहीं, इस दिशा में सरकार के स्तर से गंभीरता नहीं दिखती है। बिहार में 200 से अधिक वैध प्राइवेट अस्पताल संचालित हैं, जिसमें सिर्फ 80 अस्पतालों ने फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानक का ध्यान रखा है, शेष 120 अस्पताल बिना सुरक्षा मानक और सेफ्टी फायर की व्यवस्था के संचालित है, क्योंकि सरकार के स्तर से ऐसे अस्पतालों को संरक्षण मिलता है। राजद अध्यक्ष श्री मंडल ने कहा कि कल मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में आग से झुलसने से लोगों की मौत हुई। उसपर सरकारी स्तर से और विशेष रुप से स्वास्थ्य मंत्री की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। उधर मुजफ्फरपुर में आग से झुलस कर रोगियों की मौत होने के क्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार मुजफ्फरपुर पहुँचने की जगह दिल्ली प्रस्थान कर गये। सबसे दुःखद बात यह है कि इस घटना पर उन्होंने दु:ख व्यक्त करना भी उचित नहीं समझा। अधिकांश मीडिया और विपक्षी दलों ने प्रश्न खड़ा किया, तो स्वास्थ्य मंत्री आनन-फानन रात में पटना वापस लौट गये, लेकिन वे अब तक मुजफ्फरपुर में पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं गए।  इसी से समझा जा सकता है कि बिहार में संवेदनहीन सरकार है। बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने की दिशा में सरकारी स्तर से सरकारी अस्पताल की व्यवस्था में कब सुधार होगा और प्राइवेट अस्पताल पर सरकार कब लगाम लगाएगी, जो सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। रोगियों को लूटने का काम करने वाले निजी अस्पतालों को बिहार में सरकार के संरक्षण में फलने फूलने का अवसर दिया जा रहा है, क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों से सत्ता में बैठे लोगों को सभी प्रकार से लाभान्वित किया जाता है। उन्होंने बिहार सरकार से अविलंब मृतकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग किया है,जो सुरक्षा मानक का ध्यान नहीं रखते हैं और रोगी को लूटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में सरकार के स्तर से रोगी के लिए सरकारी अस्पताल में आईसीयू के साथ-साथ जांच की सारी सुविधा प्रदान करने, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और अन्य तरह की जांच सुविधा अस्पताल परिसर में ही स्थापित करने की माँग किया है, क्योंकि 20 वर्ष से बिहार में एनडीए का शासन है और नीतीश कुमार 20 वर्ष तक मुख्यमंत्री रहे और अब उनके सुपुत्र स्वास्थ्य मंत्री हैं, तो स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कब होगा, यह एनडीए के नेता बतायें। उपर्युक्त जानकारी एजाज अहमद प्रदेश प्रवक्ता राष्ट्रीय जनता दल बिहार ने मीडिया को दी।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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