Wed. Jun 24th, 2026
जिला खेल विभाग संचालित कर रहा मतदाता जागरुकता अभियान
बेतिया : लोकसभा आम निर्वाचन 2024 को लेकर बेतिया अनुमंडल स्तरीय वॉलीबॉल खेल प्रतियोगिता तथा मतदाता जागरुकता का आयोजन दिनांक 13 अप्रैल 2024 शनिवार को महाराजा स्टेडियम बेतिया में किया गया। खेल विभाग सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अलग अलग खेल गतिविधियां आयोजित कर रहा है। मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने के प्रति खिलाड़ियों ने जागरुकता अभियान संचालित किया। पश्चिम चम्पारण जिला खेल पदाधिकारी विजय कुमार पंडित ने खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मतदान का लोकतंत्र में आमजन को प्राप्त सबसे बड़ी शक्ति व बड़ी जिम्मेदारी है। जिसका निर्वहन करना हम सभी मतदाताओं की जिम्मेदारी है। हम एक लोकतांत्रिक देश के स्वतंत्र नागरिक है। लोकतांत्रिक प्रणाली अंतर्गत जितने अधिकार आम नागरिकों खिलाड़ियों, महिलाओं को मिलते हैं, उनमें सबसे बड़ा है वोट देने का अधिकार। जिसके पास यह शक्ति है, वह सरकार बना व गिरा सकता है।खिलाड़ियों, कोचेज के बीच नारा दिया गया कि सारा काम छोड़ दें, पहले जाकर वोट दें। पहले मतदान करें, फिर घर का काम करें। युवा शक्ति का तीन काम, शिक्षा खेल और मतदान। चाहे नर हो या नारी, मतदान है सबकी जिम्मेदारी का नारा बुलंद किया। लोकसभा चुनाव अर्थात 25 मई को मतदान के दिन  शत प्रतिशत मतदान हो इसके लिए खिलाड़ियों को कमर कस तैयार रहने की अपील किया। उपर्युक्त प्रतियोगिता में बेतिया अनुमंडल से कुल 9 टीमों के खिलाड़ियों ने कला कौशल का प्रदर्शन कर मतदाताओं को मत डालने के लिए प्रेरित किया। तकनीकी पदाधिकारी फखरुद्दीन, अजय मिश्र, मंजय प्रसाद ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सच्चिदानंद ठाकुर सचिव जिला वालीबाल संघ, संदीप कुमार सचिव जिला तलवारबाजी व हैंडबॉल संघ, अमरेंद्र कुमार व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया