Wed. Jun 24th, 2026

दुर्गके  पुलिस ने आईपीएल सट्टा खिलावने वालों  पर बड़ी कार्यवाही किया है। पकड़े गए दो आरोपी मोहन नगर थाना  के इलाका में किराया  के  मकान लेकर वहां सट्टा खिलावने  का पूरा सेटअप फँसाना तैयार करके रखा था। इसके बाद वहां फोन बड़े-बड़े सट्टा लगवा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग  8 मोबाइल, 8 सिम कार्ड और एक सैमसंग टीवी जब्त किया है। दुर्ग सीएसपी वैभव बैंकर ने बताया कि उन्हें सूचना मिला  था  कि मोहन नगर थाना इलाका  में आईपीएल सट्टा लगवाया जा रहा है।

उन्होंने आरोपियों को पकड़ने के लिए दुर्ग सिविल पुलिस टीम और थाना मोहन का  एक संयुक्त टीम गठित की। 6 मई को उन्हें मुखबिर से सूचना मिला  था की  थाना मोहन नगर क्षेत्रांतर्गत उरला क्षेत्र के लोधी पारा में कुछ लोग घर पर बैठकर आईपीएल मैच का दांव लगा रहे हैं। इसके बाद सीएसपी के  टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाया  है । रात में टीम को वहां भेजकर घेराबंदी किया उसके बाद अचानक  घर व दफ्तर का  छापेमारी किया । वहां उन्होंने विश्वनाथ सिंह उर्फ विक्की 29 साल  रहनेवाला  उरला दुर्ग और कृष्णा राजपूत उर्फ करण 19 साल  रहनेवाला  सिकोला भाठा दुर्ग को सट्टा खिलवाते रंगे हाथ पकड़ा। वे दिल्ली कैपिटल और रॉयल चैलेंजर बैंगलोर टीम के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर दांव लगवा रहे थे।

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया