Tue. Jun 23rd, 2026

बेतिया। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच की बेतिया शाखा पश्चिम चम्पारण का शपथ ग्रहण समारोह हजारीमल धर्मशाला में सोमवार को सम्पन्न हुआ। मारवाड़ी युवा मंच बेतिया शाखा की बैठक में सर्वसम्मति से सभी पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समरोह सम्पन्न कराया। शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित समाज के लोगों और मीडिया कर्मियों का सम्मान सामुहिक भोज भी अयोजित किया गया। बैठक में सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। जिनमे मुख्यतः अध्यक्ष अर्पित केशान, सचिव पल्लव केशान, उपाध्यक्ष अंकित सिकरिया,  राहुल सर्राफ और कोषाध्यक्ष तेजस्वी सोमानी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी। शपथग्रहण समारोह में नव निर्वाचित अध्यक्ष अर्पित केशान ने कहा कि उनकी मंशा है कि प्रत्येक घर युवा मंच की स्थापना हो। मंच के क्रिया कलापों में महिला सदस्यों की भागीदारी भी रहे। उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज अच्छे काम के प्रति सदा समर्पित रहता है। इस दौरान रवि गोयनका ने कहा कि मंच टीम वर्क में कार्य को संपादित करता है। पूर्व अध्यक्ष सोनू अग्रवाल के कार्यो की प्रशंसा करते हुये कहा कि उनसे सीख लेने की आवश्यकता है। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष के उत्कृष्ट कर्यो का विवरण दिया। वक्ताओं ने मारवाड़ी मंच के कार्यो में रक्त दान शिविर, योगा शिविर, स्वच्छता के लिये जागरूकता, गरीबो के आंख में मोतियाबिंद का आपरेशन, खेलकूद प्रतियोगिता, पर्यावरण सुरक्षा पर चर्चा की गयी। समारोह को मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्ष इंदिरा पोद्दार, प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष विश्वनाथ झुनझुनवाला, जोधपुर से आये सुशील कुमार, मोहित कुमार ने संबोधित किया। अंत मे युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति के नारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया। इस कार्यक्रम में समाज के सभी लोग उपस्थित रहे। जिसमें रवि गोयनका, प्रेम सोमानी, अशोक चौधरी प्रमुख हैं। शपथ ग्रहण समारोह के अंत मे राहुल सर्राफ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया