Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

बिहार में टिकाऊ कृषि का प्रमुख आधार, फसल विविधीकरण : संजय कुमार अग्रवाल

  फसल विविधीकरण बिहार में टिकाऊ कृषि का प्रमुख आधार : संजय कुमार अग्रवाल   apnibaat.org पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं बिहार राज्य जैव…

पूर्व मुख्य पोस्टमास्टर जनरल सुजीत कुमार चौधरी ने उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान का भ्रमण किया

पूर्व मुख्य पोस्टमास्टर जनरल सुजीत कुमार चौधरी का उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान का भ्रमण apnibaat.org/ANMOL KUMAR पटना : बिहार के पूर्व मुख्य पोस्टमास्टर जनरल (CPMG) सुजीत कुमार चौधरी ने…

उत्तर प्रदेश के अमेठी में लचर विद्युत आपूर्ति के लिए संविदा कर्मियों को पुनः तैनात करे सरकार: कांग्रेस

apnibaat.org अमेठी: उत्तर प्रदेश में विद्युत विभाग में नियमित कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। संविदा कर्मियों के भरोसे विद्युत व्यवस्था प्रदेश के प्रत्येक जनपद में संचालित है। विगत् दिनों…

गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर नरकटियागंज में प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न

गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर नरकटियागंज में प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न apnibaat.org बेतिया : गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर नरकटियागंज में प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ।…

अभिषेक राज जिला युवा जदयू के महासचिव मनोनीत, निष्ठापूर्वक कर्त्तव्य निर्वहन का संकल्प लिया

अभिषेक राज जिला युवा जदयू के महासचिव मनोनीत apnibaat.org बेतिया :  पश्चिम चम्पारण जिला जनता दल यूनाइटेड के एक कार्यक्रम में अभिषेक राज को युवा जनता दल यूनाइटेड का जिला…

पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के नवलपरासी के सीडीओ ने भंसार व सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया

पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के नवलपरासी के सीडीओ ने भंसार व सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया apnibaat.org /Dharmendra बेतिया: भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के नवलपरासी जिला के सीडीओ…

पोषण भी पढ़ाई भी, तीन दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सम्मानित apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नगर परिषद बगहा में स्थित एक मैरिज हॉल में बगहा 01 प्रखण्ड अंतर्गत समेकित बाल विकास…

“राष्ट्रीय मानकीकरण एवं कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का एकीकरण” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं खाद्य एवं कृषि अनुभागीय समिति (एफएडी 22) की 19वीं बैठक पटना में आयोजित

apnibaat.org पटना: कृषि अनुसंधान परिसर पटना द्वारा कृषि मानकीकरण को बढ़ावा देने हेतु राष्ट्रीय कार्यशाला एवं एफएडी (खाद्य एवं कृषि अनुभाग) 22 बैठक का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का…

पटना सिविल डिफेंस ने मानदेय वृद्धि व नियमित ड्यूटी की मांग किया

मानदेय वृद्धि एवं रेगुलर ड्यूटी को लेकर पटना सिविल डिफेंस ने लगाया गुहार apnibaat.org पटना:  सिविल डिफेंस ने सिविल डिफेंस के स्वयं सेवकों एवं वार्डन के मानदेय में बढ़ोतरी एवं…

बिहार के सभी जिला में “संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार” के मामला पर प्रेस वार्ता करेगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा: राम पुकार

राष्ट्रीय लोक मोर्चा 19 मई 2025 को बिहार के सभी जिला में “संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार” के मामला पर प्रेस वार्ता करेगी apnibaat.org पटना:  राष्ट्रीय लोक मोर्चा सुप्रीमों व सांसद…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया