Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

डीएसपी की बिचौलियों से साँठगाँठ, पुलिस विरुद्ध आचरण, कार्रवाई को पुलिस मुख्यालय को प्रतिवेदन: हरिकिशोर राय, डीआईजी

‘डीएसपी’ की दलालों और भू-माफियाओं से साँठ-गाँठ, डीआईजी ने कार्रवाई को पुलिस मुख्यालय को लिखा, नौकरी पर खतरा….? डीआईजी हरिकिशोर राय की कार्रवाई से भू-माफिया ही नहीं पुलिस पदाधिकारी भी…

राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल बेतिय में विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम सम्पन्न 

जानते हैं सब कुछ फिर भी अनजान बनते हैं लोग, जिंदगी को छोड़कर अपनी मौत को चुनते हैं लोग : डॉ प्रेम तंबाकू सेवन हानिकारक व पीड़ादायक, स्वास्थ्य रक्षा स्वयं…

राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोहरा का जर्ज़र भवन गिरने की संभावना, निर्माण की मांग 

जर्जर विद्यालय भवन गिरने की संभावना, निर्माण की मांग apnibaat.org नरकटियागंज: रामनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित गौनाहा प्रखण्ड के लछनौता पंचायत के मुसहर टोला पोहरा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय पोहरवा में…

प्रधानमंत्री ने महागठबंधन के प्रश्न का उत्तर देने की जगह वाट्सअप यूनिवर्सिटी और स्क्रिप्ट राईटर के कुछ से कुछ बोलकर चले गये : प्रो.मनोज कुमार झा

वाट्सअप यूनिवर्सिटी और स्क्रिप्ट राईटर के लिखे स्क्रिप्ट कुछ से कुछ बोलकर चले गये : प्रो.मनोज कुमार झा apnibaat.org पटना : इंडिया महागठबंधन के नेताओं ने शुक्रवार को संयुक्त रूप…

“लैब टू लैंड” विकसित कृषि संकल्प अभियान के विजन को ग्रामीण भारत दे रहा गति

विकसित कृषि संकल्प अभियान : “लैब टू लैंड” के विजन को ग्रामीण भारत में दे रहा है गति apnibaat.org पटना: भारत सरकार की “लैब टू लैंड” कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित…

पत्रकार बीमा योजना में माता-पिता को शामिल करने पर सरकार विचार करेगी: प्रधान सचिव

पटना। बिहार सरकार के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के प्रधान सचिव अनुपम कुमार ने कहा है कि बिहार राज्य पत्रकार बीमा योजना में पत्रकारों /मीडिया कर्मियों के माता-पिता को…

संस्थान प्रबंधन समिति की बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के नामित कृषक प्रतिनिधि रॉबेन टुड्डू शामिल 

apnibaat.org पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में दिनांक 23 मई 2025 को संस्थान प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में माननीय…

कृषि अनुसंधान परिसर पटना में 23 वीं आईएमसी बैठक संपन्न

कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने अत्याधुनिक शोध में सहकार्यता के महत्व पर बल दिया apnibaat.org पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना की 23 वीं संस्थान प्रबंधन…

भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम, शौर्य और प्रशंसनीय कार्य के प्रोत्साहन के लिए सिन्दूर यात्रा : रश्मि वर्मा

सिन्दूर यात्रा सेना के साहस और बलिदान को सम्मान के लिए है : रश्मि वर्मा apnibaat.org बेतिया/नरकटियागंज: पश्चिम चम्पारण जिला के अनुमण्डलीय शहर नरकटियागंज के पोखरा चौक स्थित रामजानकी मंदिर…

जय माता दी ग्रेन स्टोर कांटी में दिन दहाड़े 15 लाख रुपये की लूट

मुजफ्फरपुर में एक व्यवसायी से 15 लाख की लूट apnibaat.org कांटी/मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में गल्ला व्यवसाई की दुकान से 15 लाख की लूट हुई। बाइक सवार तीन लोगों ने…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया