Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

एनडीए की डबल इंजन सरकार में दलित-पिछड़ा होना अपराध है: कृष्ण अल्लावरु

पटना :  बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस ने मुजफ्फरपुर में बलात्कार पीड़ित बच्ची की इलाज के अभाव में पीएमसीएच में हुई मृत्यु के विरोध में हल्लाबोल मार्च राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष श्री उदय…

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का पुतला दहन, बिहार में दलित-पिछड़ों को न सुरक्षा, न चिकित्सा और न न्याय मिलेगा : राजेश राम

पटना: मुजफ्फरपुर की दुष्कर्म पीड़ित दलित नौ वर्षीया बालिका की मौत पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं, विशेषतः दलित और पिछड़े समुदाय…

नई तकनीक से अवगत किसानों में कृषि नवाचार के प्रति बढ़ती जागृति

नई तकनीकों से रूबरू हो रहे हैं किसान, बढ़ रही है कृषि नवाचारों के प्रति जागरूकता apnibaat.org पटना: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली…

लौरिया में प्रेमीयुगल की संदिग्ध मौत

लौरिया में किशोर प्रेमीयुगल की संदिग्ध मौत, क्षेत्र में सनसनी apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत लौरिया थाना क्षेत्र के सिसवनिया पंचायत के बरवा शेख सरेह…

जीवन दान देने वाले चिकित्सकों ने मौत दिया, गरमाई राजनीति

जिंदगी की जंग हार गई मुजफ्फरपुर की रेप पीड़िता, पीएमसीएच में चिकित्सकों का अमानवीय व्यवहार पीएमसीएच में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं चिकित्सकों में नोक झोक, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष…

लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर जयंती सम्पन्न

पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की जयंती मनाई गयी spnibaat.org अमेठी: केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय गौरीगंज के राजीव गाँधी सभागार में अमेठी कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर…

पश्चिम चम्पारण जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय को प्रोन्नत कर सचिव बनाया गया 

 दिनेश कुमार राय भाप्रसे प्रोन्नत, बने सरकार के सचिव एapnibaat.org बेतिया:  भारतीय प्रशासनिक सेवा (बिहार संवर्ग) के बैच वर्ष 2010 के पदाधिकारी दिनेश कुमार राय को भा.प्र.से. के सचिव/सचिव स्तर…

रवींद्र भारती विश्वविद्यालय कोलकाता के दृश्य कला संकाय के प्रोफेसर देबाशीष भट्टाचार्य का उपेंद्र महारथी शिल्पकला संस्थान का भ्रमण सम्पन्न

उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में मूर्तिकला के गुरू प्रो देवाशीष भट्टाचार्या का मार्गदर्शन apnibaat.org/अनमोल कुमार पटना: उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान को एक महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ, जब मूर्तिकला…

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद भी मादकता (नशा) की चपेट में बिहार, पटना में लाखों की नशीली दवा के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

मादकता (नशा) की चपेट में बिहार, पटना में लाखों की नशीली दवा के साथ एक तस्कर गिरफ्तार apnibaat.org पटना : बिहार में शराबबंदी के बाद से राजधानी पटना नशा की…

राजनीतिक-सामाजिक उपेक्षा का शिकार, राजपूत समाज : श्याम नाथ

राजनीतिक – सामाजिक उपेक्षा का शिकार राजपूत समाज : श्याम नाथ apnibaat.org पटना : राष्ट्रीय राजनीति को दिशा देने वाला राजपूत /क्षत्रिय समाज राजनीतिक सामाजिक उपेक्षा का शिकार बन गया…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया