Mon. Jun 22nd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

बिहार की राजधानी पटना में 24 घण्टे में 4 हत्या, कहाँ है कानून का राज..?

बिहार में ताबड़तोड़ अपराध, कानून का राज समाप्त…!!! सड़क गली मोहल्ले में अपराधियों की पौ बारह, मांद में घुसी पुलिस एस.एन. श्याम सीनियर क्राइम रिपोर्टर पटना : कानून के राज…

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किसानों को प्रेरित किया

“वैज्ञानिक तकनीक से जुड़कर कृषि कार्य करें व आत्मनिर्भर बनें” ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान…

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर किसानों से मिल, वैज्ञानिक कृषि करने पर बल दिया

किसानों से मिले केंद्रीय मंत्री, वैज्ञानिक खेती को बताया भविष्य का रास्ता apnibaat.org पटना:  विकसित कृषि संकल्प अभियान’ अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद,…

वीर शिरोमणि मराठा क्षत्रप शिवाजी महाराज का विषम परिस्थिति में राज्याभिषेक दिवस मनाया गया

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का हिन्दू उत्कर्ष दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न शिवाजी महाराज की जीवनी से प्रेरणा लें युवा : संघ apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला में राष्ट्रीय स्वयंसेवक…

केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का किसानों से सीधा संवाद सम्पन्न

केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने का आह्वान apnibaat.org पटना: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के…

साठी थाना क्षेत्र के बेलवा गाँव में अपराध की योजना बनाते, एक रिवाल्वर व चाकू के साथ 06 गिरफ्तार

गिरफ्तार लोगो में नरकटियागंज फायरिंग मामला का एक अभियुक्त भी शामिल apnibaat.org बेतिया :पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत  साठी थाना क्षेत्र के बेलवा गाँव में अपराध की योजना…

महाराष्ट्र के लातूर निवासी ट्रक का उपचालक

महाराष्ट्र के लातूर का ट्रक उप चालक की विद्युत् स्पर्शाघात से मौत APNI BAT पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र के हरदिया चौक के पास माल…

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के 9वें दिन वैज्ञानिकों का किसानों से सीधा संवाद

वैज्ञानिकों से सीधा संवाद: किसानों को मिली खेती की समस्याओं का समाधान पटना : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान…

विश्व पर्यावरण दिवस 2025 को लेकर कृषि अनुसंधान परिसर पटना में उत्साहपूर्वक कार्यक्रम सम्पन्न

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का उत्साहपूर्वक आयोजन apnibaat.org बेतिया : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’…

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधी बात, खेतों में पहुंचकर दिया आधुनिक खेती के मंत्र

‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधी बात, खेतों में पहुंचकर दिया आधुनिक खेती के मंत्र apnibaat.org पटना: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया