Wed. Jun 24th, 2026

बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत बेतिया पुलिस के मझौलिया थाना क्षेत्र के राजघाट मंदिर के पास रात की गश्ती के दौरान एक बोलेरो में रखे 27 कार्टून अंग्रेजी शराब पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस को देख कर बोलेरो वाले गाड़ी लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन चालक के संतुलन बिगड़ जाने से गाड़ी गड्ढे में फंस गई और शराब कारोबारी गाड़ी से उतर कर फरार हो गए। अलबत्ता मझौलिया पुलिस को गाड़ी और उसमें रखा 27 कार्टून अंग्रेजी शराब हाथ लग गई। रात्रि गश्ती का नेतृत्व दल बदल के साथ प्रशिक्षु दरोगा मुकेश कुमार ने किया। उपर्युक्त जानकारी इंस्पेक्टर सह थाना अध्यक्ष अभय कुमार ने दी। उन्होंने बताया है कि 26 कार्टून 8 पीएम अंग्रेजी शराब 180मि.ली. का कुल 1280 पीस तथा एक कार्टून रॉयल स्टैग 13 पीस 750मि.ली. तथा 9 लीटर 750 मिलीलीटर बरामद किया गया है। जप्त बोलेरो का रजिस्ट्रेशन नंबर जे एच 01 टी 6248 हैं। बोलेरो से रियल मी का एक मोबाइल बरामद किया है। थानाध्यक्ष अभय कुमार ने बताया कि बोलेरो पर शादी का स्टीकर सटा हुआ है। जिस पर आदित्य संग किरण नाम लिखा हुआ है। नकटी पटेरवा से चंडी स्थान जाना, लिखा हुआ है। इस गश्ती दल में प्रशिक्षु दरोगा मुकेश कुमार प्रशिक्षु दरोगा सिमरन कुमारी, प्रशिक्षु दरोगा खुशबू कुमारी, महिला पुलिस सोनी कुमारी, कुमारी व अन्य पुलिस बल शामिल रहे। थानाध्यक्ष ने बताया कि उपर्युक्त बोलेरो लाल सरैया से सरिसवा की ओर जाने के क्रम में पुलिस की गाड़ी देखकर भागने की कोशिश के दौरान पुलिस ने बोलेरो को रोका तो दो लोग भागने में सफल रहे, लेकिन शराब कारोबारी बोलेरो लेकर भागने में लगे इसी दौरान बोलेरो गड्ढे में फस गई। तभी पुलिस को बड़ी सफलता मिल प्राप्त हुई, शराब कारोबारी भागने में सफल रहे। मझौलिया पुलिस ने बोलेरो मालिक सहित अज्ञात शराब कारोबारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर, अग्रेत्तर कार्रवाई व जांच में जुट गई है

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया