Tue. Jun 23rd, 2026

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय में राजद के पूर्व विधायक नीरज कुमार यादव के असामयिक निधन पर प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में शोक सभा किया गया। नेताओं ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उनके निधन का समाचार मिलते ही सम्मान में पार्टी का झंडा आधा झूका दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व विधायक स्व. नीरज कुमार ने जीवनपर्यन्त गरीब, गुरबों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया। उन्होंने ईमानदार, निर्भीक, कर्मठ, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय कार्य किया। वे राष्ट्रीय जनता दल के समर्पित सिपाही आजीवन रहे। उनके निधन से सामाजिक, राजनीतिक तथा बिहार के लिए अपूरणीय क्षति हुई है। राष्ट्रीय जनता दल ने अपना एक समर्पित कार्यकर्ता खो दिया है। ज्ञात हो कि कटिहार के बरारी विधान सभा से वर्ष 2015 से 2020 तक विधायक रहे, राजद का प्रतिनिधित्व किया। नीरज कुमार 52 वर्ष की अल्पायु में हृदय गति रुक जाने के कारण परलोक सिधार गए। शोक सभा में राजद के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, भोला यादव, बिनू यादव, पूर्व सांसद राजनीति प्रसाद, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, महासचिव बल्ली यादव, मदन शर्मा, निराला यादव, ई.अशोक यादव, डाॅ. पे्रम कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार राम, निर्भय कुमार अम्बेदकर, नन्दू यादव, प्रवीण शर्मा, अभिषेक कुमार, महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष डाॅ.उर्मिला ठाकुर, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विजय कुमार यादव, शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कुवर राय, पंचायती राज प्रकोष्ठ अध्यक्ष महेन्द्र विद्यार्थी, प्रदेश सचिव प्रमोद कुमार सिन्हा, शिवेन्द्र कुमार तांती, मनीष कुमार सिंह, डाॅ.अशोक कुमार यादव, मुकुंद सिंह, अफरोज आलम, स्वर्णा हजारिका, संतोष साह, लक्ष्मी यादव, राजेश कुमार यादव, इफ्तेखार अहमद, कन्हैया पाण्डेय, पृथ्वीराज चैहान, चन्देश्वर प्रसाद सिंह व अन्य गणमान्य नेताओं ने उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया