Tue. Jun 23rd, 2026

नरकटियागंज: गोदावरी देवी रामचंद्र प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर पुरानी बाजार नरकटियागंज में अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रतियोगिता के राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया बहनों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम में प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष वर्मा प्रसाद कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, उपाध्यक्ष जितेंद्र जयसवाल, सदस्य मोहन चौरसिया, शंकर राम एवं भैया बहनों के अभिभावकों ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। अध्यक्ष वर्मा प्रसाद ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्रत्येक भैया बहनों को एक हजार नगद राशि भी प्रदान किया। संस्कृति ज्ञान प्रश्न प्रतियोगिता में शिशु वर्ग में भैया निशांत पाल, भैया रौशन कुमार एवं भैया शक्ति कुमार ने, प्रथम स्थान राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त कर विद्यालय को ही नहीं पूरे नगर को गौरवान्वित किया है।


संस्कृति ज्ञान प्रश्न मंच में राष्ट्रीय स्तर पर बाल वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया सूरज कुमार, भैया विशाल कुमार, और बहन प्रियंका कुमारी ने भी अपना कीर्तिमान स्थापित किया है। संगणक विषय में क्षेत्रीय प्रतियोगिता में ज्योति कुमारी, शाल्वी कुमारी एवं बहन आदिति कुशवाहा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर कीर्तिमान स्थापित किया।
संरक्षक आचार्य अशोक शरण को अंग वस्त्र एवं 5001 रुपया से भी सम्मानित किया गया।
कंप्यूटर के संरक्षक आचार्य रुपेश कुमार मिश्र को 3100 की नगद राशि तथा अंग वस्त्र वस्त्र से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने भैया बहनों के अभिभावकों को भी अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त भैया बहनों का शुल्क मुक्त किया गया। सत्र 2023- 24 के लिए। विद्यालय के प्रधानाचार्य वाणीकांत झा ने भैया बहनों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए निरंतर बढ़ने की कामना की। इस अवसर पर वाहय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सहयोग करने वाले डीएवी विद्यालय के शिक्षक संतोष कुमार एवं तीसरा कुंवर उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक पांडेय को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य नितेश कुमार वर्मा, विनोद दुबे, अभय तिवारी, रवींद्र दुबे, प्रवेश तिवारी, आचार्य अप्पी कुमारी, सोनी कुमारी, एवं अन्य अचार्य बंधु भगिनी भगिनी की भूमिका रही।

Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया