पर्यावरणविद राष्ट्रवादी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिफ्तारी लोकतंत्र व संविधान विरोधी कार्रवाई 

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बेतिया : अखिल भारत के छात्र-युवा लोकतांत्रिक लोगों के समर्थन से 23 दिन से जंतर-मंतर पर संचालित सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल आंदोलन की एकजुटता बनाए रखने के लिए बेतिया में आइसा, इन्कलाबी नौजवान सभा और भाकपा माले ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए, प्रतिवाद मार्च किया। उपर्युक्त मार्च को सम्बोधित करते हुए आरवाईए नेता संजय मुखिया और सोनू इमाम ने कहा कि पेपर लीक के बाद देश के 22 युवाओं की आत्महत्या के उत्तरदायी मानव संसाधन मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और मोदी सरकार हत्यारी है। सरकार किसी आंदोलन, मांग, न्याय की मांग को अनसुना कर आंदोलन को दबा नहीं सकती। देश की जनता जाग रही है, दिल्ली संसद मार्च में लाखों युवा की भागीदारी यह प्रदर्शित करने को पर्याप्त है। नेताद्वय ने विचार प्रवाह में कहा कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी लोकतंत्र व संविधान विरोधी है। नेताओं ने अनशन का नेतृत्व करने वाली आइसा नेत्री नेहा, नेता मनीष, आमीन को लाल सलाम करते हुए, आंदोलन को बढ़ाने का संकल्प लिया,उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य ही देश का भविष्य है। जिसके साथ मोदी सरकार को खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। नेताओं ने पूरे चम्पारण में आंदोलन को बढ़ाने का संकल्प लिया।
उपर्युक्त मार्च में माले नेता संजय यादव, सुरेन्द्र चौधरी, संजय राम, वीरेंदर पासवान, जवाहर प्रसाद, सुरेन्द्र,अफाक, आइसा नेता हसमत आजम, विनोद यादव, संजय मुखिया, भरत शर्मा, केदार राम, अच्छेमाल पासवान, मनोज कर्ण नवीन हुआ, नंदकिशोर महतो, अजीत और अन्य ने सम्बोधित किया।
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