बिहार सरकार ने आध्यात्मिक यात्रा में प्रतियात्री लगभग 22,727 रुपये की दर से 2 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किया

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पटना :बिहार सरकार ने धार्मिक श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा के लिए विधान सभा में निर्णय लिया। जिसकी परिणीति के रुप में कला एवं संस्कृति विभाग ने अधिसूचना निर्गत किया। जिसका व्यापक प्रचार प्रसार नहीं किया जा सका, जिसके कारण, विशिष्ट व्यक्ति के अतिरिक्त जन साधारण यात्रा के सहभागी नहीं बन सके। उपर्युक्त आध्यात्मिक यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 1000 वर्ष की अटूट आस्था’ के दृष्टिगत बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसके अंतर्गत बिहार राज्य के 1100 श्रद्धालुओं के लिए सरकार ने निःशुल्क सोमनाथ यात्रा का आयोजन किया है। जिसके लिए बिहार सरकार ने कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को 2.5 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस यात्रा में शामिल श्रद्धालु को यात्रा के साथ यात्रा किट उपलब्ध कराया गया है, जिसमें एक बैग, गँगाजल 200 मि.ली.,सोनपापड़ी 500 ग्राम का एक पैकेट, नमकीन मिक्सचर 500 ग्राम का एक पैकेट, नमकीन कुकीज 01 पैकेट, मीठा कुकीज़ एक पैकेट, सत्तू 250 ग्राम 01 पैकेट, स्टील ग्लास एक सेट, चम्मच एक, एक टूथ ब्रस, एक टूथपेस्ट, एक जीभा, एक कंघी, हैण्ड टॉवल एक, गमछा एक, पेन एक, सोमनाथ यात्रा 2026 पुस्तिका एक, यात्रा निर्देश कार्ड एक के साथ एक महत्वपूर्ण सम्पर्क एवं विवरण कार्ड भी शामिल है। बिहार के सभी जिला से श्रद्धालुओं का चयन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर जिला स्तरीय चयन समिति ने किया है। जिसकी जानकारी जन सामान्य को नहीं मिल सकी है। वैसे यात्रा में शामिल होने वालों को सम्बंधित जिला के जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय से अथवा जिला पदाधिकारी के माध्यम से आवेदन करना रहता है। उपर्युक्त यात्रा में शामिल होने के लिए आवेदन की प्रक्रिया और अन्य सरकारी धार्मिक यात्राओं की विस्तृत जानकारी बिहार जनसंपर्क विभाग या कला, संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। उपर्युक्त यात्रा के लिए विशेष ट्रेन 20 जुलाई 2026 को 1100 श्रद्धालुओं को लेकर सोमनाथ दर्शन के लिए प्रस्थान कर गई। उपर्युक्त यात्रा राज्य सरकार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहल का एक भाग है। 

सोमनाथ यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं को अपने जिला के जिला पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना होता है, हालाकि आवेदन प्रक्रिया और पात्रता से सम्बंधित विस्तृत दिशा-निर्देश नहीं मिल सका हैं। वैसे जैसी प्रारम्भिक जानकारी मिली है उसके अनुसार प्रत्येक जिला से लगभग 20 से 25 श्रद्धालुओं का चयन किया जाना रहा है। अंतिम चयन विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किया गया है। कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने इसके लिए शुक्रवार को पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं के स्वागत, पंजीकरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और सहायता केंद्र की व्यवस्था का निर्देश भी दिया। विभागीय सचिव के अनुसार सोमनाथ यात्रा राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहल है। जिसके दृष्टिगत विभाग का लक्ष्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक यात्रा संभव हो, इसके लिए सभी सम्बंधित विभाग में उत्तम समन्वय स्थापित किया गया है। वैसे कई जिला के कला संस्कृति व युवा विभाग के पदाधिकारी को इस सम्बंध में जानकारी उपलब्ध नहीं है। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार ने प्रतियात्री लगभग 22,727 रुपये की दर से 2 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किया है।
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