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नीलाम पत्र पदाधिकारी पश्चिम चम्पारण बेतिया ने मजदूरों की मजदूरी 3 वर्ष में नहीं दिलाया, सरकार व प्रशासन से गरीबों का उठता विश्वास 
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बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला का प्रशासन गरीब मजदूरों की जान लेने पर तुला है। सनद रहे कि कर्मचारी पासवान का पुत्र दीपू कुमार अपने सहयोगी 4 मजदूर यथा नगीना पासवान, रंजीत कुमार पासवान, रिपुसूदन प्रसाद कुशवाहा व अन्य ने बस्ती सेमरा, पोस्ट सकरार थाना पलनवा जिला पूर्वी चम्पारण निवासी शत्रुधन तिवारी के पुत्र सतीश कुमार तिवारी के कार्य में मजदूरी वर्ष 2018 में किया।उपर्युक्त कार्य बिजली मीटर लगाने का ठिकेदारी सतीश कुमार तिवारी ने लिया और दीपू कुमार व अन्य से 10 अप्रैल 2018 से 28 दिसम्बर 2018 तक मजदूरी कराया।  जिसका भुगतान नहीं किया, इस प्रकार कुल 250 दिन का मजदूरी प्रति मजदूर प्रतिदिन 350 रुपये की दर से कुल 4,37,500 रुपये मजदूरी हुआ। जिसमें 12,500 रुपये प्रति मजदूर खाने पीने के लिए मिला है। इस प्रकार प्रति मजदूर 75 हजार रुपये बकाया रह गया। जिसके अनुसार कुल 3 लाख 75 हजार रुपये विगत आठ वर्ष से बकाया है। इसके पूर्व मजदूरी भुगतान के लिए, दीपू कुमार ने न्यायालय सहायक श्रमायुक्त सह प्राधिकार मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936 तिरहुत प्रमण्डल मुजफ्फरपुर (मुख्यालय) बेतिया पश्चिम चम्पारण में पीडब्लू वाद संख्या 166/22 अंकित कराया गया। जिसमें वादी दीपू कुमार ने प्रतिवादी सतीश कुमार तिवारी के विरुद्ध मामला अंकित कराया। उपर्युक्त वाद में न्यायादेश देते हुए सहायक श्रमायुक्त ने दिनांक 21 जून 2023 को दीपू कुमार पिता कर्मचारी पासवान हरसरी शिकारपुर नरकटियागंज व अन्य 4 के विरुद्ध मजदूरी भुगतान के लिए नियोजक सतीश कुमार तिवारी पिता शत्रुधन तिवारी को 3,75,000 रुपये की जगह उन्हें 3 लाख 50 हजार रुपये मजदूरी और 3 लाख 50 हजार रुपये एक गुणा मुआवजा भुगतान करने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं आदेशित राशि भुगतान नहीं किये जाने की स्थिति में उपर्युक्त राशि वसूली के नीलाम पत्र वाद से की जाएगी। उपर्युक्त न्यायादेश की प्रति सतीश कुमार तिवारी और दीपू कुमार को ज्ञापांक 551 दिनांक 22 जून 2023 को प्रेषित की गई। किन्तु उसके बाद भी दीपू और अन्य मजदूरों को उनकी पारिश्रमिक का भुगतान नहीं मिला। उसके बाद सहायक श्रमायुक्त ने जिला नीलाम पत्र वाद संख्या 09/ 23-24 अंकित करते हुए सतीश कुमार तिवारी को सर्टिफिकेट देनदार का नोटिस दफा 7 बिहार वो उड़ीसा एक्ट 4 सन 1914 का नियम का हवाला देते हुए बताया है कि सहायक श्रमायुक्त वाद, नीलाम पत्र पदाधिकारी ने प्रतिवादी सतीश कुमार को छूट देते हुए ,मात्र 7 लाख रुपये की देनदारी का भुगतान देने को और इस सम्बंध में स्वीकारोक्ति के साथ 30 दिन के भीतर आवेदन करें, क्यों नहीं आपसे 4 लाख 50 हजार रुपये मजदूरी और 7 लाख रुपये वसूल करने के खर्च के लिए नीलाम पत्र पदाधिकारी के कार्यालय में शर्त अनुरुप जमा कर दें। नीलाम पत्र पदाधिकारी के आदेश के उपरांत 3 वर्ष बीत गए, किन्तु मजदूरों की मज़दूरी का भुगतान नहीं मिल सका। जिससे क्षेत्र के प्रबुद्धजनो ने हमारे सूत्रों को कहा है कि श्रम संसाधान एवं प्रवासी कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित न्यायालय सहायक श्रमायुक्त सह प्राधिकार मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936 अंतर्गत बेतिया पश्चिम चम्पारण का कार्यालय केवल नाम का रह गया है।  श्रमायुक्त ने पुनः 23 मई 2026 को जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी पश्चिम चम्पारण को पत्र प्रेषित कर दीपू कुमार के आवेदन पत्र के विरुद्ध नीलाम पत्र वाद संख्या 09/23-24 के आदेशित राशि वसूली से सम्बंधित है, प्रेषित किया है। जिसकी प्रतिलिपि सहायक श्रमायुक्त सह प्राधिकारी मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936 के अंतर्गत  बेतिया ने ज्ञापांक 655 दिनांक 23 मई 2026 को प्रेषित किया है। दीपू कुमार व अन्य ने कहा है कि सरकार और प्रशासन से धीरे धीरे विश्वास उठता जा रहा है।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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