
दो दिवसीय तिल्हेश्वर महोत्सव में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति
apnibnbaat.org
सुपौल : सुपौल जिला के सुखपुर गांव स्थित बाबा तिल्हेश्वर शिव मंदिर परिसर में शनिवार को दो दिवसीय तिल्हेश्वर महोत्सव का शुभारंभ हुआ। जिसके उद्घाटन समारोह में सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत, डीएम कौशल कुमार, पूर्व एमएलसी हारूण रसीद, पिपरा विधायक रामविलास कामत, नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा (राघव) एडीएम राशिद कलीम अंसारी, डीडीसी सुधीर कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव व कई गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित किया। दो दिवसीय कार्यक्रम शुभारंभ के अवसर पर “तिल्हेश्वर दर्पण” स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें तिल्हेश्वर महादेव मंदिर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाया गया है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि यह गौरव की बात है कि तिल्हेश्वर नाथ महादेव मंदिर को सरकारी मान्यता प्राप्त होने के बाद दूसरी बार यह महोत्सव का आयोजन किया गया है। इसके लिए मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सांसद ने मंदिर के ऐतिहासिक गाथा को बताते हुए कहा कि यह मंदिर हजारों लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। महोत्सव से ना सिर्फ मंदिर की धार्मिक महता बढ़ेगी बल्कि आनेवाले दिनों में यह पर्यटन का केंद्र भी बनेगा। पर्यटन स्थल होने से इस क्षेत्र का विकास होगा। इस क्षेत्र के विकास के साथ- साथ ट्रस्ट का भी विकास होगा। पिपरा विधायक रामविलास कामत ने महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि यह स्थान कितना पुराना है यह सही रूप से पता नहीं है। लेकिन ग्रंथों और लोकोक्ति में यह अति प्राचीन है। यहां से दिनोंदिन लोगों की आस्था बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि तिल्हेश्वर स्थान के नाम से प्रसिद्ध रहा वह आज से तिल्हेश्वर धाम हो गया है, जो समिति इस मंदिर की व्यवस्था देखती थी उसके प्रयासों से अधिकारी और प्रशासन का ध्यान इस ओर गया और आज यह अवसर आया है।
जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि सरकार ने तिल्हेश्वर मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सुखपुर से मंदिर परिसर तक सड़क चौड़ीकरण व मजबूतीकरण की स्वीकृति दे दी है, अब मंदिर नये स्वरूप में दिखेगा।
न्यास समिति के सचिव वंशमणि सिंह ने सभी पदाधिकारी और गणमान्य का स्वागत करते हुए कहा कि मंदिर जिला प्रशासन के द्वारा इस आयोजन के लिए जो समिति से कहा, वह पूरा किया। उन्होंने बताया कि यह ढाई सौ वर्ष पुराना मंदिर है, यह अंकुरित मंदिर है, यहां मनोकामना शिवलिंग है। यहां भक्त जो भी मनोकामना रखते हैं वह पूरी होती है। उन्होंने मंदिर के इतिहास की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घोषक के रूप में शशि प्रभा रही, क्षेत्रीय व स्थानीय कलाकारों ने अपनी मधुर प्रस्तुति से पं⁰डाल में बैठे लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया दिया। स्थानीय कलाकार के द्वारा गाये गीत झूम केय अबू यो तिल्हेश्वर बाबा केय दरबार में सब कियो झूम केय अबू यो… को लोगों ने खूब सराहा। कलाकार अमृता दीक्षित का मधुर शिव भजन हे शंभू बाबा मेरे भोले नाथ..पर श्रोताओं ने जम कर तालियां बजायी।
संगीतमय संध्या महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक संध्या में लोकगायिका अमृता दीक्षित और कल्पना मंडल ने अपने शानदार गीतों से समां बांध दिया। दोनों गायिकाओं ने भक्तिमय और पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. भक्तों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का हौसला बढ़ाया। महोत्सव में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और भक्ति-भाव में लीन हो बाबा तिल्हेश्वर महादेव की आराधना की। आयोजकों ने बताया कि यह महोत्सव दूसरी बार मनाया जा रहा है और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महोत्सव के दूसरे दिन रविवार की संध्या होने वाली संगीतमय प्रस्तुति में कलाकार चंदन तिवारी (बनारस) एवं मुक्ति व शमीम एवं स्थानीय कलाकारो ने धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया , जहां दर्शकों की अपार भीड़ देखी गईं।
