गण्डक नदी से निकली बड़ी नहर में विदेशी प्रजाति की मछली मिली, नेपाल में किसी एक्वेरियम से निकले होंगे 

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बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के योगापट्टी प्रखण्ड अंतर्गत दोनवार गाँव स्थित नहर में अलग प्रजाति की एक मच्छली मिलने से लोगों का कौतुहल बढ़ गया है। अलग प्रकार की मछली की नहर में धमक से क्षेत्र में चर्चा का बाज़ार गर्म है। बताया गया है कि ग्रामीण मछुआरों की जाल में मिली उपर्युक्त मछली सामान्य मछलियों से भिन्न है। प्रारंभिक पहचान सकरमाउथ आर्मर्ड कैटफिश यानी डेविल फिश (प्लेको) के रुप में की जा रही है। किन्तु अभी वैज्ञानिक तो नहीं किंतु आधिकारिक पुष्टि की गई है। प्रबुद्धजनो का कहना है कि यदि डेविल फिश है तो प्राकृतिक जलस्रोतों में उसका प्रसार चिंताजनक हो सकती है। अलबत्ता जिला मत्स्य पदाधिकारी ने अफवाह में नहीं पड़ने को कहा है। दोनवार गाँव की बड़ी नहर में मछली पकड़ने के क्रम में ग्रामीण मछुआरा को उपर्युक्त मछली जाल में मिली। मछुआरा किशुन मुखिया और मनमन चौधरी के अनुसार कथित डेविल मछली सामान्यतया मिलने वाली अन्य मछलियों से भिन्न है। मछली की बनावट लोगों में चर्चा का विषयहै। मछली की सही पहचान के सम्बन्ध में डीएफओ ने बताया है कि डेविल फिश के नाम जानी जाने वाली सकरमाउथ आर्मर्ड कैटफिश दक्षिण अमेरिका की मूल प्रजाति की है। इसे एक्वेरियम में शैवाल और अन्य जमाव को हटाने के लिए भी पाला जाता है। उपर्युक्त प्रजातियां की मछली कठोर शरीर और मुंह की विशेष बनावट के लिए प्रसिद्ध हैं। एक्वेरियम में रखने वाली मछलियों को जब प्राकृतिक जलस्रोतों में छोड़ दिया जाता है, तो कुछ परिस्थितियों में संख्या वृद्धि करती है, फ़िलहाल योगापट्टी की नहर में मिली मछली प्रकरण में कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। गण्डक नदी से निकली बड़ी नहर में मिली मछली से अन्य मछलियों को क्षति पहुँचने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसके लिए मछली की वैज्ञानिक पहचान और सम्बंधित जलस्रोत की स्थिति का अध्ययन आवश्यक है। योगापट्टी की बड़ी नहर में मिली इस मछली को लेकर फिलहाल उत्सुकता बनी हुई है. इसकी प्रजाति की पुष्टि होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह डेविल फिश है या किसी दूसरी प्रजाति की मछली। इसे अमेजन बेसिन की आक्रमक मछली प्रजाति बताई जा रही है, जिसका भारतीय क्षेत्र में पाया जाना एक आश्चर्य भी है। जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ नूतन ने बताया कि उपर्युक्त मछली शैवाल खाती है जिसे एक्वेरियम में रखा जाता है।
