किसान को टिकाऊ खेती और मृदा संरक्षण की जानकारी कृषि वैज्ञानिकों ने दिया 
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पटना : पटना जिला के दुल्हिन बाजार प्रखण्ड अंतर्गत सिल्हौरी गांव में मंगलवार को ‘खेत बचाओ अभियान 2’ अंतर्गत किसान जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 46 महिला किसान के साथ कुल 100 से अधिक किसान ने उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कार्यक्रम में डॉ. रचना दुबे ने प्राकृतिक खेती, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, ढैंचा से हरी खाद बनाने और फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाने से मिट्टी की उर्वरता, जलधारण क्षमता और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता में सुधार होता है। उन्होंने कृषि गतिविधियों से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने की विधि की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराया। डॉ. सौरभ कुमार ने जैव उर्वरकों के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि लाभकारी सूक्ष्मजीव नाइट्रोजन स्थिरीकरण और फॉस्फोरस की उपलब्धता बढ़ाकर पौधों के पोषण में मदद करते हैं। उन्होंने किसानों को मिट्टी की जाँच के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रयोग करने तथा खेती की लागत कम करने के लिए जैव उर्वरकों को अपनाने का परामर्श दिया।
कार्यक्रम में किसानों ने प्राकृतिक खेती, फसल रोग प्रबंधन, सिंचाई और उत्पादन से जुड़ी समस्याओं पर विशेषज्ञों से विचार विमर्श किया। अंत में किसानों को मिट्टी का स्वास्थ्य संरक्षित रखने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने को प्रेरित किया।
