पूर्णतः स्वचालित जैव रसायन विश्लेषक उपकरण एवं इम्यूनोलॉजी एनालाइजर अनुमंडलीय अस्पताल से अन्यत्र स्थानांतरित करने का विधायक ने किया विरोध 

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बेतिया : बिहार सरकार अनुमण्डल स्तर पर फुल्ली ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक उन्नत चिकित्सीय उपकरण अनुमंडलीय अस्पताल में स्थापित करना चाहती है। जिससे क्षेत्र के लोगों को सुदुर्वर्ती क्षेत्र में जाना नहीं पड़े। उपर्युक्त चिकित्सकीय उपकरण का उपयोग रक्त, प्लाज्मा, सीरम और मूत्र जैसे जैविक नमूनों के रासायनिक परीक्षण व विश्लेषण के लिए किया जाता है। वह मशीन सैंपल और रिएजेंट (Reagent) को खुद ही मिलाती है और परीक्षण प्रक्रिया को बिना किसी मैनुअल मदद के पूरा करती है। यह एक घंटे में 200 से लेकर 800 से अधिक टेस्ट करने में सक्षम है। इसमें स्वचालित धुलाई और तापमान नियंत्रण की सुविधा होती है जो परिणामों को बेहद सटीक बनाती है। भारत में इसका प्रारंभिक मूल्य लगभग 3 लाख से प्रारंभ होकर ब्रांड और क्षमता के अनुरुप निजी स्तर पर 20 लाख या उससे अधिक तक हो सकती है। किन्तु सरकारी स्तर पर करोड़ों रुपये बताई जा रही है। कोई भी व्यक्ति विभिन्न मॉडल और विकल्प की जाँच चिकित्सकीय उपकरण विक्री करने वाले संस्थान से कर सकते हैं। उपर्युक्त मशीन से लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट, ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल की जांचकोलेस्ट्रॉल और हॉर्मोन स्तर का मापन किया जा सकता है। जिसके लिए ग्रामीण क्षेत्र और उपनगरीय क्षेत्र के लोगों को पटना, गोरखपुर व दिल्ली क्षेत्र कोई प्रस्थान करना पड़ता रहा है। अनुमंडलीय अस्पताल में दूसरी तकनीकी उपकरण इम्यूनोलॉजी एनालाइजर को स्थापित किया जाना है। उपर्युक्त एनालाइजर एक अत्याधुनिक लैब उपकरण है, जिसका उपयोग मानव शरीर के खून, सीरम या मूत्र के सैंपल में विशेष प्रकार के प्रोटीन, एंटीबॉडी, एंटीजन, और हार्मोन की मात्रा की जांच करने के लिए किया जाता है। यह मशीन मुख्यतः शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) और संक्रमणों का पता लगाने का काम करता है। उपर्युक्त एनालाइजर अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब्स में थायराइड (जैसे टी3, टी4, टीएसएच), इंसुलिन और फर्टिलिटी हार्मोन की जांच, एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी और मलेरिया जैसे गंभीर संक्रमणों की स्क्रीनिंग, शरीर में कैंसर कोशिका, एवं ट्यूमर की उपस्थिति या उनकी वृद्धि को ट्रैक करता है।
नरकटियागंज विधायक संजय कुमार पाण्डेय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 31 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य विभाग से उपर्युक्त जन-कल्याणकारी कार्य के लिए सभी उपकरण आपूर्ति किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि नरकटियागंज की जनता के लिए आवंटित उपर्युक्त चिकित्सकीय उपकरण को अन्यत्र स्थानतरित किये जाने की खबर उनके कान में आई है, तो जिला पदाधिकारी से वार्ता किया है और कहा कि नरकटियागंज का उपकरण नरकटियागंज में स्थापित किया जाए। अन्यथा वे संवैधानिक विधि से आंदोलन के क्रम में अस्पताल के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बल देते हुए कहा कि इसके लिए वे सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे, अभी मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हुई है, उनका प्रयास है कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर नरकटियागंज के उपकरण को नरकटियागंज में स्थापित कराया जाए। यदि उपकरण हटाया जाएगा तो उनकी लाश से उपकरण जाएगा। उन्होंने कहा कि नरकटियागंज का विद्युत उपकरण दूसरे विधानसभा क्षेत्र में लगा है और उसपर लिखा साइन बोर्ड पर नरकटियायागंज अंकित है, जो शर्मनाक स्थिति है। उपर्युक्त चिकित्सकीय उपकरण को लौटने नहीं देंगे। विधायक संजय कुमार पाण्डेय ने पत्रकारों को बताया कि अब नरकटियागंज के लोगों की स्वास्थ्य समस्या के समाधान के लिए वे कृतसंकल्पित है। विधायक का कहना है कि 31 जुलाई 2026 को उपकरण पहुँचा, उसके बाद उसको जिस कक्ष में स्थापित किया जाना है उसकी मरम्मत कर उसका रंग रोगन कर दिया गया है। उपर्युक्त चिकित्सकीय उपकरण संचालन के लिए तकनीशियन, डाटा ऑपरेटेर व रनर की अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिनियुक्ति की जा चुकी है। उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस में रत्नेश कुमार उर्फ बबलू सर्राफ, राजेश जायसवाल व अन्य शामिल रहे।
