सर्वेक्षण पूर्व रजिस्टर 02 में सुधार कर ऑनलाइन कराना, आमजन की आवश्यकता, वर्तमान समय की मांग

बेतिया :पश्चिम चम्पारण जिला में भूमि सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है। भाकपा नेता चंद्र भुषण सिंह ने समाचार पत्र के कार्यालय में बताया कि सर्वेक्षण करने वाले पदाधिकारियों के पास दस्तावेज मिलान करने वाले कागजात नहीं है। इतना ही नहीं विगत छव वर्ष में अंचल कार्यालयों ने जमाबंदी सुधार नहीं किया है। जिसके कारण कई रैयत के नाम, खाता, खेसरा और रकबा में काफी गड़बड़ी है, जिसे अंचल कार्यालय को अविलम्ब सुधार करने की आवश्यकता है। ऐसा नहीं होने पर ऑनलाइन रसीद नहीं कट रहा है, जिसके कारण सर्वे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रहे हैं और आमजन हलकान हैं, उन्हें जिधर देखों लूटने वाले खड़े मिलते हैं।
दुसरे किसान ने बताया कि उनकी जमाबंदी में वर्ष 2023-2024 तक रकबा 8 एकड़ 69.99 डिसमिल बताया गया है। जिसका लगान रसीद रैयत के पास उपलब्ध है। अब इधर सर्वेक्षण कराने के लिए जब वर्ष 2024-2025 का लगान रसीद का भुगतान किया तो उनके रसीद में रखबा 4 एकड़ 452 डिसमिल भूमि दर्शाया जा रहा है। ऐसे मामले कितने हैं यह बताना कठिन कार्य है, लेकिन जो मामला सामने आया है, अंचल कार्यालय को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। रजिस्टर 02 और रजिस्टर 01 सरकार के पास उपलब्ध है। फिर सरकार और प्रशासन आमजन को परेशान करने पर तुले हैं। अविलम्ब अंचल कार्यालय अपने रजिस्टर 02 में सुधार कर ऑनलाइन करें, तत्पश्चात भूमि सर्वेक्षण का कार्य सम्पादित कराये, यही वर्तमान समय की मांग और आमजन की आवश्यकता है। प्रबुद्धजन बताते हैं कि सरकार कहती है, रैयत परिमार्जन कराये, रैयत कहते हैं गलती सरकार करे, अंजाम रैयत भुगते। किसान, भू स्वामी केवल कर्मचारी, कर्मचारी के निजी अवैध ऑटर्नी और सीओ के पास दौड़ लगाए समय और रुपये बर्बाद करे। इसलिए सर्वेक्षण पूर्व सरकार अपने विभिन्न अंचल के रजिस्टर 02 का 100 प्रतिशत शुद्ध ऑनलाइन कर ले, उसके बाद सर्वेक्षण कार्य प्रारम्भ कराये।
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